वास्ट एंड विज़न’ के आठवें अंक का विमोचन: कला शोध का गौरवशाली अध्याय


टखमण-28 में विजुअल आर्ट सोसाइटी फॉर टीचर्स (वास्ट) की वार्षिक शोध पत्रिका “वास्ट एंड विज़न” के आठवें अंक का भव्य विमोचन समारोह अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। यह अवसर राजस्थान की कला जगत के लिए अकादमिक उत्सव जैसा रहा, जिसमें शोध, सृजन और सौंदर्यबोध का अद्भुत संगम देखने को मिला।
इस प्रतिष्ठित पियर-रिव्यूड शोध पत्रिका का संपादन डॉ. दीपक सालवी, सहायक आचार्य, चित्रकला विभाग, राजकीय मीरा कन्या महाविद्यालय, उदयपुर ने किया। कार्यक्रम में प्रमुख सम्मानीय अतिथियों के रूप में सुप्रसिद्ध कलाकार डॉ. सुरेश शर्मा, वरिष्ठ कला समीक्षक डॉ. रघुनाथ शर्मा, कला चिंतक प्रो. डॉ. हेमंत द्विवेदी, संस्कृत विद्वान डॉ. श्री निवासन अय्यर तथा प्रसिद्ध कला मर्मज्ञ श्री कृष्ण जुगनू ने संयुक्त रूप से पत्रिका का विमोचन किया।
विमोचन अवसर पर उपस्थित कला शोधार्थियों और शिक्षाविदों ने “वास्ट एंड विज़न” की अकादमिक गुणवत्ता, सौंदर्यात्मक प्रस्तुति और गहन शोध दृष्टि की सराहना की। इस अंक में भारत के विभिन्न विश्वविद्यालयों और कला संस्थानों से प्राप्त 25 मौलिक कला-संबंधी शोध लेख प्रकाशित किए गए हैं, जो समकालीन भारतीय कला, परंपरा, सौंदर्यशास्त्र और शिक्षण पद्धतियों पर केंद्रित हैं।
डॉ. सालवी ने अपने संपादकीय वक्तव्य में कहा कि “वास्ट एंड विज़न” शिक्षकों और शोधार्थियों के लिए संवाद, विचार-विनिमय और नवाचार का साझा मंच है, जो भारतीय कला के वैश्विक परिप्रेक्ष्य में नई दिशाएँ खोलता है।
कार्यक्रम का समापन सामूहिक बधाइयों और भविष्य के शोध प्रकाशनों की आशाओं के साथ हुआ, जिसने राजस्थान को एक बार फिर कला विमर्श का केंद्र बना दिया।
डॉ. सालवी ने सभी शोधार्थियों और परामर्श मंडल के सभी वरिष्ठ विद्वानों को उनके द्वारा दिए गए मार्गदर्शन के लिए आभार प्रकट किया। भविष्य में भी आप सभी वरिष्ठ विद्वानों का स्नेह और मार्गदर्शन बना रहे।









