नगर निगम उदयपुर में हुआ स्वच्छ सर्वेक्षण टूल किट पर ओरिएंटेशन कार्यशाला का आयोजन


नगर निगम उदयपुर के दीनदयाल उपाध्याय सभागार में शुक्रवार को स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 टूल किट पर उदयपुर संभाग स्तरीय ओरिएंटेशन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में स्वायत्त शासन विभाग सचिव रवि जैन, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के निदेशक जुईकर प्रतीक चन्द्र शेखर, निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना, उप निदेशक (क्षेत्रीय) उदयपुर संभाग विनोद कुमार, स्वायत शासन विभाग के मुख्य अभियंता अरुण व्यास सहित उदयपुर संभाग की समस्त नगरीय निकायों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
नगरीय निकायों के लिए समग्र दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान
कार्यशाला में स्वायत शासन विभाग सचिव रवि जैन ने उपस्थित नगरीय निकायों के अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक निकाय को समग्र दृष्टिकोण अपनाते हुए स्वच्छता सर्वेक्षण के सभी सूचकों पर गंभीरता से कार्य करना होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिकारी अपने क्षेत्र में नियमित भ्रमण करें, स्वच्छता से संबंधित गतिविधियों की निगरानी करें, और इन गतिविधियों का प्रचार-प्रसार स्थानीय समाचार पत्रों एवं सोशल मीडिया माध्यमों से करें, ताकि नागरिकों की सहभागिता बढ़ सके। सचिव जैन से अधिक से अधिक जन जागरण कर आमजन को स्वच्छ भारत मिशन से जोड़ने पर बल दिया क्यों कि स्वच्छता केवल निगम या निकाय का कार्य नहीं, बल्कि यह एक जन-आंदोलन है, जिसमें नागरिकों के साथ-साथ अन्य विभागों का समन्वय भी अति आवश्यक है। जैन ने अधिकारियों से अपने कार्य में परिवर्तन करने का सुझाव देते हुए कहा कि स्वच्छता की गतिविधियों की दैनिक मॉनिटरिंग अधिकारी स्वयं करें और स्व-मूल्यांकन प्रणाली को अपनाते हुए अपने क्षेत्र की प्रगति को मापें।
स्वच्छता के 10वें संस्करण पर विस्तृत जानकारी
स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के निदेशक जुईकर प्रतीक चन्द्र शेखर ने बताया कि इस वर्ष का स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 अपने 10वें संस्करण में प्रवेश कर चुका है। इस वर्ष सर्वेक्षण में 12,500 अंकों के विस्तृत मानकों के माध्यम से शहरों की स्वच्छता को मापा जाएगा। इसमें दृश्यमान स्वच्छता, घर-घर कचरा संग्रहण, गीले-सूखे कचरे का पृथक्करण, कचरा प्रोसेसिंग, डम्प साइट रीमेडिएशन, अपशिष्ट जल प्रबंधन और सफाई मित्रों के कल्याण जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया गया है। जुईकर ने कहा कि सभी नगरीय निकायों, सफाई कर्मियों और नागरिकों के सामूहिक प्रयास से यह सर्वेक्षण केवल रैंकिंग प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि शहरों की जीवन गुणवत्ता और नागरिक गर्व को ऊँचाई देने का अवसर है। साथ ही कहा कि आने वाले वर्षों में कचरा-मुक्त शहर, ओडीएफ-प्लस, ओडीएफ-एफए, वॉटर-प्लस शहर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
नगर निगम कार्यों पर हुई चर्चा
निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने बैठक में बताया कि इस ओरिएंटेशन कार्यशाला का उद्देश्य संभाग के सभी नगरीय निकायों को स्वच्छ सर्वेक्षण के नवीनतम मापदंडों की जानकारी देना और उनकी क्रियान्वयन क्षमता को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता मिशन में तकनीकी नवाचार, नागरिक सहभागिता और फील्ड लेवल एक्शन तीनों ही समान रूप से आवश्यक हैं।उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे अपने क्षेत्र में माइक्रो प्लानिंग कर, स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार नवाचार करें और नागरिकों को स्वच्छता की प्रेरणा दें। इन्हीं प्रक्रियाओं के परिणामस्वरूप उदयपुर ने स्वच्छता रैंकिंग में सफलता प्राप्त की है।
इन निकायों के अधिकारी रहे उपस्थित
कार्यशाला में उदयपुर संभाग के विभिन्न नगरीय निकायों के अधिकारी एवं कर्मचारी सम्मिलित हुए, जिनमें नगर निगम उदयपुर, नगर पालिका फतहनगर, भीण्डर, कानोड़, मावली, वल्लभनगर, सलूम्बर, चित्तौड़गढ़, निम्बाहेड़ा, कपासन, बड़ी सादड़ी, बेगूं, रावतभाटा, आकोला, राजसमंद, नाथद्वारा, देवगढ़, आमेट, भीम, बांसवाड़ा, कुशलगढ़, परतापुर, गढ़ी, डूंगरपुर, सागवाड़ा, प्रतापगढ़, धरियावद, छोटी सादड़ी, अरनोद आदि के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।









