वन विभाग द्वारा हुआ ईको टूर, लोगों ने पानरवा की खूबसूरती को निहारा, अब जाएंगे गोरम घाट


उदयपुर. वन विभाग की ओर से इको ट्यूरिज्म को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दक्षिणी राजस्थान के ख्याति प्राप्त प्राकृतिक पर्यटक स्थलों का वन भ्रमण कार्यक्रम रविवार से शुरू हुआ। पहले दिन प्रकृति प्रेमियों को कोटड़ा क्षेत्र में पानरवा स्थित फुलवारी की नाल वन्यजीव अभ्यारण्य का भ्रमण कराया गया।
इको ट्यूरिज्म की शुरूआत रविवार सुबह वन विभाग कार्यालय के बाहर उप वन संरक्षक (वन्यजीव) अरूणकुमार डी एवं उप वन संरक्षक यादवेंद्रसिंह की उपस्थिति में हुई। एसीएफ दिनेश गोढवाल भी मौजूद रहे।
इसके पश्चात दो वातानुकूलित वाहनों से दल पानरवा के लिए रवाना हुआ। मार्ग में नाल साण्डोल स्थित इको ट्यूरिज्म स्पॉट का भी लुत्फ लिया। यहां लबालब भरे एनीकट की रपट पर चलती पानी चादर और हरी-भरी पहाड़ियों के बीच कल-कल कर बहती जलराशि देखकर आनंदित हो उठे।
इसके पश्चात दल आमलेटा घाटी पर पहुंचा। वहां पहाड़ियों के बीच सर्पिली सड़क से गुजरते समय भी पर्यटकों का उत्साह चरम पर रहा। पानरवा पहुंचने के बाद दल ने पर्यावरणविद् शरद अग्रवाल, विनय दवे तथा फोरेस्ट गार्डस् के सान्निध्य में कठावली झेर पर ट्रेकिंग की।
उप वन संरक्षक ने बताया कि वन भ्रमण की अगली कड़ी में 29 जुलाई को गोरम घाट क्षेत्र का भ्रमण कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इको ट्यूरिज्म स्थल फुलवारी की नाल अभयारण्य के पानरवा, रावली टाडगढ़ अभयारण के दूधलेश्वर, गोरमघाट व भीलबेरी वाटर फॉल, बस्सी अभयारण्य व सीतामाता अभ्यारण्य के आरामपुरा व जाखम बांध के लिए 1700-1700 रुपये,
कुभलगढ़ अभयारण्य के कुंभलगढ़ व रणकपुर के लिए 1600-1600 रुपये, जयसमंद अभयारण्य के झूमर बावड़ी व बाघदर्रा के क्रोकोडाइल कंजर्वेशन रिजर्व के लिए 1500 रुपए। जवाई बांध के लेपर्ड कंजर्वेशन रिजर्व के लिए 2200 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।
इसमें वातानुकुलित वाहन से परिवहन, प्रातः चाय नाश्ता, दिन का भोजन, शाम की चाय, अभयारण्य प्रवेश शुल्क, टॉलटैक्स, इको गाईड चार्ज, इको स्थल के साफ-सफाई का चार्ज एवं समस्त कर शामिल हैं। बुकिंग (मो.7568348678) एवं कनिष्क कोठारी (मो.8769799989) पर करवा सकते हैं। बुकिंग हेतु डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट वाइल्ड ड्वेलर डॉट कॉम वेबसाईट का भी प्रयोग कर सकते है।









