शिल्पग्राम उत्सव 2025 – राठवा देख रोमांचित हुए दर्शक… लावणी और तलवार रास ने रिझाया


शिल्पग्राम उत्सव के तीसरे दिन लोक संस्कृतियों का अद्भुत संगम देखने को मिला। गुजरात के आदिवासी राठवा नृत्य में कलाकारों की संतुलन साधती पिरामिड संरचनाओं ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। मुक्ताकाशी मंच पर मंगलवार शाम प्रस्तुत इन नृत्यों ने तालियों की गूंज से पूरा शिल्पग्राम भर दिया।


राजस्थान के नगाड़ा वादन, सफेद आंगी व लाल आंगी गेर और चरी नृत्य के साथ ओडिशा का संभलपुरी, मणिपुर का लाई हारोबा और कर्नाटक का पूजा कुनिथा लोक संस्कृति की जीवंत झलक बने। “घूमरो-घूमरो श्याम रंग घूमरो…” पर कश्मीर के रौफ नृत्य ने माहौल को भावनात्मक रंग दिया, जबकि महाराष्ट्र की लावणी और मल्लखंभ प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।
पंजाब का लुड्डी, गुजरात का तलवार रास और हरियाणा का घूमर उत्साह और ऊर्जा का संचार करते नजर आए। कार्यक्रम का संचालन मोहिता दीक्षित और वेदिका दीक्षित ने किया।


लोक संस्कृति को मंच देना उत्सव का उद्देश्य
उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक फुरकान खान ने बताया कि उत्सव का उद्देश्य देशभर की लोक कलाओं और हस्तशिल्प को मंच देना है। आगामी दिनों में और भी विविध लोक प्रस्तुतियां दर्शकों को देखने को मिलेंगी।


‘हिवड़ा री हूक’ युवाओं की पहली पसंद
बंजारा मंच पर ‘हिवड़ा री हूक’ कार्यक्रम में युवाओं की खास भागीदारी रही। गीत-संगीत के साथ प्रश्नोत्तरी और उपहारों ने इसे और लोकप्रिय बना दिया।


थड़ों पर भी सजी लोक परंपराएं
शिल्पग्राम के विभिन्न थड़ों पर गवरी, कच्ची घोड़ी, गोंधल, पोवाड़ा, मांगणियार गायन, कठपुतली, बीन-जोगी और बहरूपिया कलाकारों ने मेलार्थियों का भरपूर मनोरंजन किया। प्रांगण में लगे पत्थर के शिल्प और कलाकारों के साथ सेल्फी लेते दर्शक खास आकर्षण बने।


कल के विशेष आकर्षण
मुक्ताकाशी मंच पर बुधवार शाम के कार्यक्रम में गुजरात के गरबा, जम्मू के जगरना, राजस्थान के नगाड़ा वादन, सहरिया स्वांग व सफेद आंगी गेर, गोवा के देखनी, मणिपुर के लाई हारोबा और कर्नाटक के पूजा कुनिथा, त्रिपुरा के होजगिरी, हरियाणा के घूमर और ओडिशा के संभलपुरी नृत्य की प्रस्तुतियां दर्शकों को रिझाएंगी। वहीं, महाराष्ट्र का आंख के पट्टी बांध भीड़ में से किसी के पास रखा नारियल ढूंढ़ लाने वाले कर्ण ढोल और मल्लखंभ की पेशकश दर्शकों को रोमांचित करेंगी।
शिल्पग्राम में कश्मीर का कहवा बना सर्दियों की पहली पसंद


शिल्पग्राम मेले में कश्मीर का पारंपरिक कहवा सर्दी में मेलार्थियों को खासा लुभा रहा है। केसर, इलायची, दालचीनी, गुलाब की पत्तियां और ड्राइ फ्रुट्स से तैयार यह पेय स्वाद के साथ सेहत भी देता है।
कश्मीरी व्यापारी मोहम्मद इकबाल ने बताया कि उनकी स्टाल पर अखरोट, बादाम, अंजीर, किशमिश, शहद, शिलाजीत और पहाड़ी लहसुन सहित शुद्ध व उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद उपलब्ध हैं, जिनकी मेलार्थियों में भारी मांग है।









