शिल्पग्राम में लोकनृत्यों की रंगारंग शाम, हरियाणा के धमाल ने लूटी महफिल


शिल्पग्राम में चल रहे शिल्पग्राम उत्सव 2025 में आज भी लोकनृत्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को देश की विविध लोक संस्कृतियों से रू-बरू कराया। हरियाणा के पारंपरिक ‘धमाल’ नृत्य ने अपनी मस्ती, लय और ऊर्जा से दर्शकों का दिल जीत लिया। ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच अहीर समुदाय के इस नृत्य ने खूब तालियां बटोरीं।


इसके साथ ही पश्चिम बंगाल का पुरुलिया छाऊ, महाराष्ट्र की लावणी, उत्तर प्रदेश का ढेड़िया, राजस्थान का कालबेलिया, असम का बिहू, उत्तराखंड का छापेली, मणिपुर का थांग-ता, पंजाब का भांगड़ा और जम्मू का डोगरी जगरना नृत्य दर्शकों को मंत्रमुग्ध करता रहा। विभिन्न प्रस्तुतियों ने ‘लोक के रंग-लोक के संग’ थीम को साकार किया।


बंजारा मंच पर ‘हिवड़ा री हूक’ कार्यक्रम में मेलार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, वहीं शिल्पग्राम के विभिन्न थड़ों पर दिनभर लोकनृत्य, गायन और कथाओं ने मनोरंजन किया। रंग-बिरंगे वेश में बहरूपियों, कला प्रतिष्ठानों और सेल्फी पॉइंट्स ने भी आकर्षण बढ़ाया।


रविवार शाम को मुक्ताकाशी मंच पर घूमर, डांग, मयूर नृत्य, सिद्धि धमाल, भपंग वादन और देश के अन्य प्रसिद्ध लोकनृत्यों की प्रस्तुतियां दर्शकों को रिझाएंगी।









