फ्लाईट में महिला की धड़कन रूकी, उदयपुर के दो डॉक्टरों ने बचाई जान

 फ्लाईट में महिला की धड़कन रूकी, उदयपुर के दो डॉक्टरों ने बचाई जान

ईश्वर के बाद अगर किसी व्यक्ति को कोई जिंदगी देता है तो वह डॉक्टर ही है। इसीलिए उसे धरती का भगवान कहा जाता है। डॉक्टरी पेशे में कई बार ऐसे पल आते हैंं जब जीवन की उम्मीद लोग छोड़ देते हैं उस समय डॉक्टर मौत को मात देकर जिंदगी बचा लेता है।

ऐसा ही कुछ मामला बीते दिनों उदयपुर से जयपुर जा रही फ्लाईट में सामने आया जहां उदयपुर के दो चिकित्सक डॉ प्रदीप बंडवाल और डॉ प्रकाश जैन एक महिला के लिए ‘भगवान’ साबित हुए।

21 नवम्बर को उदयपुर के दो स्त्री रोग विशेषज्ञों डॉ. प्रकाश जैन और डॉ. प्रदीप बंदवाल व चिकित्सकों का दल जयपुर में एक सीएमई में भाग लेने उदयपुर-जयपुर की फ्लाईट से जा रहे थे। उदयपुर से उड़ान भरने के थोडी देर में कलकत्ता की 50 वर्षीय महिला यात्री बेसुध होकर अपनी सीट से नीचे गिर गई। महिला के पति घबरा गये और उन्होंने सभी को मरीज के अचेत होने के बारे बताया। महिला की स्थिति देखकर लग रहा था कि उसकी मृत्यु हो गयी है क्योंकि धड़कन चल नहीं रही थी।

डॉ. प्रदीप बंदवाल ने बताया कि ये प्राथमिक तौर पर हृदय विकार के कारण धड़कन रूकने का मामला लग रहा था और इस स्थिति में सीपीआर प्रक्रिया से मरीज की धड़कन लाने का प्रयास किया जा सकता है। हम दोनों ने महिला को सीपीआर देना शुरू कर दिया और लगातार 10 मिनट तक कोशिश करने के बाद मरीज की फिर सांस लेने लगी, एक बार तो सभी की लगा महिला की जान बच गयी है। लेकिन ये खुशी चंद पलों की थी क्योंकि महिला की पल्स फिर बंद हो गई। करीब 30 मिनट तक लगातार कोशिश करते रहे लेकिन धड़कन बार-बार आ रही थी और थोड़ी देर में वापस बंद हो रही थी। हमने हार नहीं मानी और सीपीआर देते रहे जिससे बाद में महिला की धड़कन स्थायी रूप से आ गई।

फ्लाईट में मौजूद लोगों को ये चमत्कार लग रहा था लेकिन ये दोनों डॉक्टर्स की अथक मेहनत और सेवा भाव का परिणाम था। वायुयान प्रबंधन ने जयपुर में एम्बुलेंस की व्यवस्था करवा दी थी जिससे मरीज को अस्पताल पहुंचाया गया। अभी मरीज की अस्पताल से छुट्टी हो गई और वो पूरी तरह से स्वस्थ है।

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