उदयपुर में किसान गोष्ठी: खेती के साथ पशुपालन से बढ़ेगा किसानों का मुनाफा


विद्या भवन कृषि विज्ञान केन्द्र और केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान, बीकानेर के संयुक्त तत्वावधान में एक किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान (सीएसडब्ल्यूआरआई), अविकानगर के निदेशक डॉ. अरुण कुमार तोमर रहे।
डॉ. तोमर ने उदयपुर जिले की फलासिया तहसील के गांव बड़ा भीलवाड़ा और कोट के किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि खेती-बाड़ी के साथ-साथ अच्छी नस्ल के भेड़-बकरी और मुर्गी पालन को अपनाना किसानों के लिए लाभदायक सिद्ध हो सकता है। उन्होंने बताया कि सही नस्ल और अच्छी गुणवत्ता के पशुओं का चयन करके उनकी नस्ल सुधारने से किसानों को बेहतर मुनाफा मिल सकता है। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि किसानों को पशुपालन से संबंधित नवीनतम तकनीकों से अवगत कराने के लिए केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान द्वारा सात राज्यों में भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इस अवसर पर प्रधान वैज्ञानिक डॉ. आशीष चौपड़ा ने जनजातीय उपपरियोजना की जानकारी दी, वहीं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एस. एस. डांगी ने भेड़-बकरी के आवास और आहार प्रबंधन के विषय में विस्तार से बताया। वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं संस्था प्रमुख डॉ. पी. सी. भटनागर ने केवीके द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों और पशुओं की नस्ल सुधार के प्रयासों पर प्रकाश डाला।
जनजातीय उपयोजना के तहत सीएसडब्ल्यूआरआई, बीकानेर द्वारा 50 भेड़-बकरी पालकों को शेड प्रदान किए गए, जबकि 100 किसानों को स्प्रेयर मशीनें, पानी के कैम्पर, छाते, टॉर्च और पानी की बोतलें वितरित की गईं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आशीष चौपड़ा ने किया और अंत में डॉ. दीपक जैन ने सभी का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में हसमुख कुमार, संजय धाकड़, डॉ. भगवत सिंह, डॉ. जीवन राम जाट, डॉ. मनप्रीत सिंह, डॉ. सीमा डांगी, अचल समदानी, धीरेन्द्र व्यास, महीपाल सिंह सहित 120 किसान एवं महिला कृषक उपस्थित रहे।









