‘सागवान’ ट्रेलर रिलीज़ — अंधविश्वास के ख़िलाफ़ खड़ी एक सच्ची कहानी

 ‘सागवान’ ट्रेलर रिलीज़ — अंधविश्वास के ख़िलाफ़ खड़ी एक सच्ची कहानी

उदयपुर, 26 अक्टूबर।
सांवल्या एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी, उदयपुर और प्रतापगढ़ क्षेत्र के जंगलों में फ़िल्माई गई सत्य घटना पर आधारित फ़िल्म ‘सागवान’ का ट्रेलर रविवार को एक भव्य समारोह में लॉन्च किया गया। कार्यक्रम में जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी, एडीजी पुलिस दिनेश एम.एन., मेवाड़ राजपरिवार के पूर्व सदस्य डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़, विधायक फूल सिंह मीणा, लाल सिंह झाला, अतुल चंडालिया, प्रीति गजेंद्र सिंह, सौरभ पालीवाल, कन्हैयालाल मीणा सहित शहर के कई गणमान्य नागरिक, कला और मीडिया जगत से जुड़े लोग तथा फ़िल्म की पूरी टीम मौजूद रही।

फ़िल्म के मुख्य किरदार और निर्देशक पुलिस अधिकारी हिमांशु सिंह राजावत हैं। उन्होंने न केवल इसमें अभिनय किया है, बल्कि कहानी, संवाद और निर्देशन का दायित्व भी संभाला है। उनके साथ अभिनेता एहसान ख़ान, मिलिंद गुना, श्या जी शिंदे, रश्मि मिश्रा और सुनील बिश्नोई सहित कई कलाकारों ने अभिनय किया है।

वास्तविक घटना से प्रेरित कहानी
‘सागवान’ दक्षिणी राजस्थान के घने जंगलों में घटी एक वास्तविक घटना से प्रेरित फ़िल्म है। इसकी कहानी एक ऐसे पुलिस अधिकारी की है जो अंधविश्वास और कुरीतियों में जकड़े समाज की सच्चाई उजागर करने के लिए संघर्ष करता है। यह फ़िल्म समाज में फैले झूठे विश्वासों, तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ़ जागरूकता फैलाने का सशक्त संदेश देती है।

लॉन्चिंग के दौरान आयोजित प्रेस वार्ता में हिमांशु सिंह राजावत ने बताया कि फ़िल्म की प्रेरणा उन्हें अपने ही पुलिस जीवन के एक जटिल केस से मिली, जिसे सुलझाने में महीनों लगे। उन्होंने कहा, “सागवान सिर्फ़ थ्रिलर या एक्शन फ़िल्म नहीं, बल्कि समाज को सोचने पर मजबूर करने वाला सिनेमा है।”

फ़िल्म टीम की उपस्थिति में हुआ ट्रेलर विमोचन
ट्रेलर लॉन्च के दौरान फ़िल्म के निर्माता प्रकाश मेनारिया, अर्जुन पालीवाल, नितिन श्रीमाली और भूपेंद्र दुलावत ने फ़िल्म के निर्माण, शूटिंग और विषय चयन से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। अतिथियों ने कहा कि ‘सागवान’ जैसी फ़िल्में न केवल मनोरंजन करती हैं बल्कि समाज को आईना दिखाने का कार्य भी करती हैं।

राजस्थानी सिनेमा में एक नई दिशा
‘सागवान’ को राजस्थानी सिनेमा में एक सशक्त कदम माना जा रहा है। फ़िल्म की शूटिंग दक्षिणी राजस्थान और मध्यप्रदेश की सीमा से सटे इलाकों में की गई है, जिससे स्थानीय संस्कृति और परिवेश का प्रामाणिक चित्रण सामने आया है। स्थानीय कलाकारों को भी इसमें मंच प्रदान किया गया है, जिससे क्षेत्रीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिला है।

फ़िल्म का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज में फैली कुरीतियों को तोड़ना और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना है। सच्ची घटना पर आधारित होने के कारण इसकी हर परत दर्शकों के दिल को छूने वाली है।

राष्ट्रीय स्तर पर मिलेगी पहचान
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि ‘सागवान’ जैसी फ़िल्में क्षेत्रीय सिनेमा को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में सक्षम हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से इस तरह के सामाजिक संदेश देने वाले सिनेमा को प्रोत्साहन देने की अपील की। फ़िल्म जल्द ही देशभर में रिलीज़ की जाएगी, और इसका ट्रेलर यूट्यूब सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध है।


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