45 साल बाद फिर कलम उठाई, संगीत से जग में प्रेरणा जगाई!


“मन में ठान लें तो कोई लक्ष्य कठिन नहीं है”
यह गर्व और प्रेरणा का विषय है कि सिख समाज के वरिष्ठ एवं सम्मानित सदस्य सरदार प्रवीण सिंह जी अरोड़ा ने यह सिद्ध कर दिया है कि सीखने की कोई आयु नहीं होती।
लगभग 45 वर्ष बाद उन्होंने पुनः पढ़ाई आरंभ की और संगीत विषय में प्रथम श्रेणी से “मास्टर ऑफ म्यूज़िक (M.A.)” की परीक्षा उत्तीर्ण कर एक नई मिसाल कायम की है।
सरदार प्रवीण सिंह जी अरोड़ा ने अपनी ग्रेजुएशन वर्ष 1980 में पूर्ण की थी, और 67 वर्ष की आयु में शिक्षा के क्षेत्र में लौटकर यह असाधारण उपलब्धि प्राप्त की। उनका यह समर्पण और दृढ़ निश्चय न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे उदयपुर सिख समाज के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।
उनकी इस सफलता से यह सशक्त संदेश मिलता है कि यदि मन में संकल्प, लगन और निरंतर प्रयास हो, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं। यह उपलब्धि हर आयु वर्ग के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है कि सीखना जीवनभर का निरंतर सफर होना चाहिए।
सिख मीडिया सेंटर, उदयपुर की ओर से सरदार प्रवीण सिंह जी अरोड़ा को इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर हार्दिक बधाई, शुभकामनाएँ तथा उनके स्वस्थ, सक्रिय और प्रेरणादायी जीवन के लिए मंगलकामनाएँ।









