धौलपुर में पोषण सुधार के लिए नंद घर – आईपीई ग्लोबल सीकेडी की पहल


- बालवर्धन परियोजना पोषण परिणामों, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं की क्षमता और प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा को सुदृढ़ करेगी
- धौलपुर ज़िले में पहले से 400 से अधिक नंद घर संचालित
धौलपुर, राजस्थान | जून 2026: वेदांता की प्रमुख सामाजिक प्रभाव पहल नंद घर, जो अनिल अग्रवाल फाउंडेशन के अंतर्गत संचालित होती है, ने धौलपुर, राजस्थान में परियोजना बालवर्धन शुरू करने के लिए स्वयंसेवी संस्था, आईपीई ग्लोबल – सेंटर फॉर नॉलेज एंड डेवलपमेंट के साथ साझेदारी की है। धौलपुर भारत के आकांक्षी एवं उत्कर्ष जिलों में से एक है। इस पहल का उद्देश्य धौलपुर के नंद घरों के माध्यम से महिलाओं और बच्चों के लिए बेहतर पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा सेवाएं उपलब्ध कराना है। साथ ही एक ऐसा मॉडल तैयार करना है जिसे अन्य जगहों पर भी लागू किया जा सके।
परियोजना बालवर्धन एक समग्र कार्यक्रम है, जो सक्षम आंगनवाड़ी, पोषण 2.0 तथा विकसित भारत के राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप है। इस कार्यक्रम में बच्चों के पोषण, माताओं के स्वास्थ्य, आंगनवाड़ी सेवाओं, जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी पर ध्यान दिया जाएगा। साथ ही, फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग, डिजिटल टूल्स और सरकारी योजनाओं से जोड़कर उनकी क्षमता भी बढ़ाई जाएगी।


धौलपुर को प्राथमिक क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है, क्योंकि यहां कुपोषण, एनीमिया और मातृ शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियाँ बनी हुई हैं। एक आकांक्षी ज़िला होने के नाते, धौलपुर यह दर्शाने का अवसर प्रदान करता है कि कैसे जमीनी स्तर पर सेवा वितरण को मजबूत कर, सामुदायिक सहभागिता और संस्थागत समन्वय के माध्यम से ठोस एवं सतत परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
श्री श्रीनिधि बी. टी. (IAS), जिला कलेक्टर, धौलपुर, ने कहा, “कुपोषण को कम करने और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य परिणामों को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन, समुदायों और विकास साझेदारों के बीच मजबूत सहयोग आवश्यक है। नंद घर द्वारा चलाई जा रही यह पहल जमीनी तंत्र को सुदृढ़ करने और क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं का समर्थन करने में महत्वपूर्ण है, जो अंतिम स्तर तक प्रभाव पहुंचाने में केंद्रीय भूमिका निभाते हैं। हम धौलपुर में इस प्रयास का स्वागत करते हैं और महिलाओं एवं बच्चों के लिए सार्थक बदलाव लाने की अपेक्षा करते हैं।”
इस साझेदारी के माध्यम से, आईपीई ग्लोबल – सीकेडी तकनीकी सहयोग, कार्यान्वयन सहायता और निगरानी की व्यवस्था प्रदान करेगा, जिससे कार्यक्रम का प्रभावी संचालन और मापनीय परिणाम सुनिश्चित हो सकें। एम. के. पद्मा कुमार, चीफ मेंटर, आईपीई ग्लोबल- सीकेडी, ने कहा, “हम नंद घर के साथ परियोजना बालवर्धन में साझेदारी कर गर्व महसूस कर रहे हैं। यह पहल कुपोषण से निपटने में मातृ और शिशु स्वास्थ्य को केन्द्र में रखती है। इस सहयोग के माध्यम से हम सरकारी तंत्र को मजबूत करने, क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं की क्षमता बढ़ाने, और आंगनवाड़ियों तथा नंद घरों को एकीकृत सेवा प्रदान करने के प्रभावी मंच के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जीवन के शुरुआती चरणों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, यह परियोजना हर बच्चे को एक मजबूत शुरुआत देने के हमारे साझा संकल्प को दर्शाती है।”
यह पहल बाल विकास की निगरानी, पूरक पोषण तथा राशन वितरण को मजबूत करने, एनीमिया की जांच और निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाने, तथा आंगनवाड़ी और क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं की क्षमता को सुदृढ़ करने पर केंद्रित होगी। इसके साथ ही, यह समुदाय में जागरूकता और व्यवहार परिवर्तन के प्रयासों को बढ़ावा देगी। शशि अरोड़ा, सीईओ, नंद घर, ने कहा, “बालवर्धन परियोजना एक महत्वपूर्ण कदम है, जो समग्र और तंत्र आधारित हस्तक्षेपों के माध्यम से मजबूत और स्वस्थ समुदायों के निर्माण की दिशा में अग्रसर है। वैज्ञानिक दृष्टिकोणों को अपनाकर, हम केवल तत्काल पोषण आवश्यकताओं को ही नहीं बल्कि दीर्घकालिक विकास परिणामों को भी संबोधित करने का लक्ष्य रखते हैं। हमारे चेयरमैन, अनिल अग्रवाल के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर, नंद घर हर बच्चे को सीखने, बढ़ने और सफल होने का अवसर प्रदान करने के साथ साथ महिलाओं को अपने समुदाय में परिवर्तन के वाहक के रूप में सशक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।”
इस कार्यक्रम से धौलपुर में हजारों बच्चों और महिलाओं एवं उनके परिवारों पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ने की अपेक्षा है, जिससे समुदाय स्तर पर पोषण और प्रारंभिक बाल्य समर्थन प्रणाली मजबूत होगी। नंद घर की सुदृढ़ पहुंच को आईपीई ग्लोबल की पोषण एवं तंत्र सुदृढ़ीकरण विशेषज्ञता के साथ जोड़ते हुए, यह पहल एक उच्च प्रभाव मॉडल विकसित करने की दिशा में अग्रसर है, जिसे भविष्य में अन्य ज़िलों और राज्यों में व्यापक रूप से लागू किया जा सके।
नंद घर के बारे में:
अनिल अग्रवाल फाउंडेशन के अंतर्गत संचालित नंद घर, भारत के आंगनवाड़ी तंत्र के आधुनिकीकरण के माध्यम से महिलाओं और बच्चों को सशक्त बनाने की एक प्रमुख पहल है। 17 राज्यों में 14,000 से अधिक केंद्रों के साथ, नंद घर पोषण, प्रारंभिक शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और कौशल विकास के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने वाली एकीकृत सेवाएं प्रदान करता है। वर्तमान में यह 4 लाख से अधिक बच्चों और 3 लाख महिलाओं तक पहुंच बना रहा है, और देश के 14 लाख आंगनवाड़ियों के माध्यम से 8 करोड़ बच्चों और 2 करोड़ महिलाओं को प्रभावित करने का लक्ष्य रखता है। अधिक जानकारी के लिए: www.nandghar.org
अनिल अग्रवाल फाउंडेशन के बारे में:
अनिल अग्रवाल फाउंडेशन, वेदांता की सामुदायिक एवं सामाजिक पहलों का प्रमुख संगठन है। इसके प्रमुख कार्यक्षेत्र हैं- बाल स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, पशु कल्याण और खेल प्रोत्साहन। यह फाउंडेशन सतत और समावेशी विकास के माध्यम से समुदायों को सशक्त बनाने, जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने और राष्ट्र निर्माण को बढ़ावा देने हेतु कार्यरत है। अधिक जानकारी के लिए: https://www.vedantalimited.com/eng/social_impact_csr.php
मीडिया संपर्क:
सोनल चोइथानी, मुख्य ब्रांड एवं संचार अधिकारी, वेदांता लिमिटेड
ईमेल: [email protected]









