राष्ट्रीय सेमिनार में कुम्भश्याम मंदिर पर डॉ. दीपक सालवी का शोध पत्र प्रस्तुत


राजस्थान हिस्ट्री कांग्रेस, जोधपुर, महाराजा मान सिंह पुस्तक प्रकाश, मेहरानगढ़ फोर्ट, जोधपुर तथा इंडियन काउंसिल ऑफ हिस्टोरिकल रिसर्च (I.C.H.R.), नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार में राजकीय मीरा कन्या महाविद्यालय, उदयपुर के चित्रकला विभाग के सहायक आचार्य डॉ. दीपक सालवी ने अपने अकादमिक शोध पत्र का वाचन किया।
डॉ. सालवी ने Khumbhshyam Temple: Symbolism, Style & Socio-Cultural Context in Rajasthan Architecture with reference to Indian Knowledge System (IKS) विषय पर शोध पत्र प्रस्तुत करते हुए चित्तौड़गढ़ दुर्ग स्थित कुम्भश्याम मंदिर की स्थापत्य संरचना, प्रतीकात्मक अर्थों तथा मूर्तिकला में प्रयुक्त अलंकरणों का गहन विश्लेषण किया।
शोध पत्र में उन्होंने मेवाड़ क्षेत्र में 10वीं से 15वीं शताब्दी के मध्य विकसित सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक परिस्थितियों को भारतीय ज्ञान परंपरा के संदर्भ में स्पष्ट किया। प्रस्तुति के दौरान मंदिर को केवल एक धार्मिक संरचना न मानकर उसे तत्कालीन समाज, आस्था, कला दृष्टि और सांस्कृतिक चेतना का सजीव प्रतीक बताया गया।
ऐसे अकादमिक मंचों पर प्रतिष्ठित कला इतिहासकारों एवं विद्वानों से संवाद का अवसर हम युवाओं के बौद्धिक विकास को समृद्ध करता है।






