घूमर महोत्सव 2025 की प्रशिक्षण कार्यशाला प्रारंभ – महिलाओं की उत्साही भागीदारी


ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि 16 नवंबर
उदयपुर में 19 नवंबर को आयोजित होने वाले घूमर महोत्सव की तैयारियों का आगाज़ हो चुका है। राजस्थान की लोक-संस्कृति और नारी-सशक्तिकरण के प्रतीक इस उत्सव के तहत पर्यटन विभाग द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में गुरुवार से अभ्यास सत्रों की शुरुआत की गई। प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक चलने वाले इन सत्रों में शहर की महिलाओं और छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण के पहले दिन लगभग 150 महिलाओं एवं छात्राओं की सक्रिय भागीदारी देखी गई।
अभ्यास सत्रों में प्रतिभागी महिलाएं घूमर के पारंपरिक पदचाल, मुद्राएं और तालमेल का अभ्यास कर रही हैं। प्रशिक्षण के पहले ही दिन से महिलाओं की सक्रिय उपस्थिति उत्सव के प्रति बढ़ते उत्साह को दर्शाती है। पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह प्रशिक्षण सत्र घूमर उत्सव की सफल तैयारियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, और आने वाले दिनों में इसमें और अधिक सहभागिता की संभावना है।
पर्यटन विभाग की संयुक्त निदेशक सुमिता सरोच ने बताया कि 13 से 17 नवंबर तक नगर निगम के पंडित दीनदयाल सभागार में दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक घूमर नृत्य का प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण उपरांत पंजीकृत प्रतिभागियों द्वारा 18 नवंबर को भंडारी दर्शक मंडप में पूर्वाभ्यास किया जाएगा और 19 नवंबर को मुख्य कार्यक्रम होगा। उन्होंने बताया कि घूमर उत्सव के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 16 नवंबर है, अतः इच्छुक प्रतिभागी निर्धारित समय सीमा के भीतर पोर्टल पर अपना पंजीकरण अवश्य करवाएं।
गौरतलब है कि उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी की पहल पर राज्य सरकार द्वारा यह महोत्सव 19 नवंबर को प्रदेश के सातों संभागीय मुख्यालयों पर एक साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर राजस्थान की पारंपरिक शाही नृत्य परंपरा ‘घूमर’ नई ऊर्जा और उमंग के साथ मंच पर प्रस्तुत होगी। अनेक सामाजिक संगठनों, महिला संस्थाओं और सांस्कृतिक क्लबों ने इस महोत्सव में भागीदारी के लिए उत्सुकता व्यक्त की है।
महोत्सव का उद्देश्य राजस्थान की लोक-संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुँचाना और महिलाओं को अपनी सांस्कृतिक पहचान से जोड़ना है। इसमें 12 वर्ष से अधिक आयु की बालिकाएं, युवतियां, गृहिणियां, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, डांस स्कूलों की छात्राएं और कॉलेज की प्रतिभागी शामिल हो सकेंगी।
पंजीकरण दो श्रेणियों – व्यक्तिगत और सामूहिक – में किया जा रहा है। समूह वर्ग में कम से कम 20 और अधिकतम 25 सदस्य होंगे। इसके लिए पर्यटन विभाग के संभागीय कार्यालयों में विशेष हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं, जहाँ प्रतिभागियों को पंजीकरण और दिशा-निर्देश संबंधी सहायता दी जा रही है।
घूमर उत्सव में प्रतिभागियों के लिए विभिन्न श्रेणियों में आकर्षक नगद पुरस्कार भी घोषित किए गए हैं। इसमें सर्वश्रेष्ठ सामूहिक नृत्य, सर्वश्रेष्ठ सामूहिक पोशाक, सर्वश्रेष्ठ सामूहिक आभूषण और सर्वश्रेष्ठ नृत्य-निर्देशन जैसी श्रेणियाँ शामिल हैं। प्रत्येक संभाग से सर्वश्रेष्ठ सामूहिक नृत्य जीतने वाले समूह को प्रमुख पर्यटन महोत्सवों में प्रदर्शन का अवसर प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार राशि 7 हजार से 21 हजार रुपये तक होगी।









