“मूल्य सृजन प्रबंधन” विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन


मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के प्रबंधन अध्ययन संकाय (एफएमएस) में “मूल्य सृजन प्रबंधन” विषय पर एक विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसे राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा के कुलपति प्रो. निमित चौधरी ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर एमएलएसयू के कार्यवाहक कुलपति प्रो. बी. पी. सारस्वत ने संगोष्ठी के लिए अपनी शुभकामनाएँ दीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और विश्वविद्यालय कुलगीत के साथ हुआ। एफएमएस की निदेशक एवं अध्यक्ष प्रो. मीरा माथुर ने स्वागत भाषण देते हुए मूल्य-केंद्रित शिक्षा के महत्व पर बल दिया और कहा कि प्रबंधन छात्रों को वैश्विक परिवर्तनों और आधुनिक अपेक्षाओं के अनुरूप स्वयं को तैयार रखना चाहिए।
अपने प्रेरक संबोधन में प्रो. निमित चौधरी ने कहा कि “व्यवसाय का एकमात्र उद्देश्य मूल्य सृजन करना है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मूल्य सृजन प्रत्येक संगठन का केंद्रीय लक्ष्य होना चाहिए। प्रो. चौधरी ने जेनरेशन जेड के प्रभाव, उपभोक्ता अपेक्षाओं में तेजी से हो रहे बदलाव और सेवा आधारित अर्थव्यवस्था के विस्तार पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि व्यवसायों को सतत नवाचार, चुस्त सोच (Agile Thinking) और मानवीय अनुभवों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है ताकि वे समकालीन प्रतिस्पर्धी वातावरण में सफलता प्राप्त कर सकें।
उन्होंने प्रबंधन में मूल्य सृजन के समकालीन दृष्टिकोणों का विश्लेषण करते हुए संस्थागत एवं संगठनात्मक विकास में नवाचार, अनुकूलनशीलता और मानव-केंद्रित नेतृत्व की भूमिका पर बल दिया।
एमबीए (एफएसएम) और एमबीए (ई-कॉम) के पाठ्यक्रम निदेशक प्रो. हनुमान प्रसाद ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के विशेषज्ञ व्याख्यान भावी प्रबंधकों के निर्माण में अत्यंत सहायक सिद्ध होते हैं। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी संकाय सदस्यों, छात्रों और अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. भूमिका राठौर ने किया। संगोष्ठी में लगभग 150 छात्रों ने भाग लिया। इस अवसर पर डॉ. स्वाति बंदी, डॉ. ज्योति सुवालका, डॉ. करिश्मा डायर, डॉ. प्रीति सुवालका सहित संकाय सदस्य, शोधार्थी और गैर-शिक्षण कर्मचारी भी उपस्थित रहे।









