युवाओं में बढ़ती नशे की लत पर चेताया — आरोग्य सेवा संस्थान ने दिलाई नशा मुक्ति की शपथ


विद्यालय में नशा मुक्ति जागरूकता अभियान के तहत छात्रों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश
आरोग्य सेवा संस्थान द्वारा संचालित आरोग्य जिला नशा मुक्ति केंद्र के तत्वावधान में शोभागपुरा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना के साथ की गई। संस्था के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर विजयपाल सिंह ने संस्था में चल रहे प्रोजेक्ट्स की जानकारी दी और नशा मुक्ति संबंधी जागरूकता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आजकल विद्यार्थियों को जीवन में अनेक प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक दबाव और समय प्रबंधन प्रमुख हैं।


उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग विद्यार्थियों की पढ़ाई और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। मोबाइल फोन की लत अब किसी नशीली दवा से कम नहीं रह गई है। विभिन्न शोधों में यह पाया गया है कि इंटरनेट और मोबाइल गेम्स की लत बच्चों के मस्तिष्क पर दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकती है। अधिक समय तक स्क्रीन देखने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जैसे आंखों में तनाव, गर्दन और पीठ में दर्द, वजन बढ़ना, साथ ही अकेलापन, अवसाद और मनोदशा संबंधी विकार।
उन्होंने कहा कि फोन का अत्यधिक उपयोग जीवनशैली में गड़बड़ी के साथ-साथ बड़े विकारों का संकेत भी हो सकता है। बच्चों में आंखों पर तनाव, एकाग्रता की कमी और व्यवहारिक परिवर्तन इसके लक्षण हैं। इसलिए, अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों को मोबाइल फोन का उपयोग सीमित करें। मानसिक, पारिवारिक या सामाजिक दबाव और जिज्ञासा जैसे कारणों से बच्चे गलत दिशा में कदम उठा लेते हैं। आजकल यह एक फैशन बन गया है कि बच्चे एक-दूसरे से प्रभावित होकर नशे की ओर बढ़ने लगते हैं, जो अंततः उनकी बर्बादी का कारण बन जाता है। देश में ऐसे असंख्य उदाहरण हैं जहां नशे ने जीवन को तबाह किया है।
कार्यक्रम में संस्था के जोगेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि नशे की समस्या आज एक गंभीर सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी मुद्दा बन चुकी है, जो विशेष रूप से युवा वर्ग को प्रभावित कर रही है। यह समस्या न केवल व्यक्तिगत जीवन को नष्ट करती है, बल्कि परिवार और समाज पर भी गहरा असर डालती है। उन्होंने कहा कि हमें स्वस्थ जीवनशैली अपनानी चाहिए—नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और पर्याप्त नींद के साथ बुरी आदतों से दूर रहना चाहिए तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए।
उन्होंने नशा मुक्ति अभियान के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह न केवल नशे की लत से ग्रस्त व्यक्तियों को स्वस्थ जीवन की ओर ले जाता है, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का भी माध्यम बनता है।
कार्यक्रम के अंत में सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों ने नशा मुक्ति की शपथ ली। साथ ही संस्था की ओर से पम्पलेट और विजिटिंग कार्ड वितरित किए गए।
कार्यक्रम के दौरान संस्था के मैनेजर नारायण सिंह, जोगेंद्र सिंह चौहान, विशाल मेघवाल, प्रियंक लोहार, सुदर्शन सिंह, हर्षवर्धन सिंह, राजेंद्र टेलर, श्वेता कुंवर, रीना धोबी और कर्णिका राज चौहान सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।









