विद्यापीठ का नाम इंडियन बुक ऑफ रिकार्ड्स में दर्ज

 विद्यापीठ का नाम इंडियन बुक ऑफ रिकार्ड्स में दर्ज

राष्ट्रीय गौरव के प्रति जुनून के साथ प्रेरणा और प्रोत्साहन से यह रिकॉर्ड हासिल किया गया-प्रो. एस. एस. सारंगदेवोत

इंडियन बुक ऑफ रिकार्ड्स हैदराबाद ने जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ “77वें स्वतंत्रता दिवस समारोह” का हिस्सा बन अपनी मातृभूमि के प्रति प्रेम, भक्ति और लगाव की भावना तथा देशभक्ति के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के लिए विशेष मान्यता और सराहना देते हुए विश्वविद्यालय का नाम अपनी पुस्तक में दर्ज किया है।

कुलपति प्रो. एस. एस. सारंगदेवोत ने बताया कि जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ ने आजादी के 77वें वर्ष के “आजादी के अमृत महोत्सव” का हिस्सा बनकर “राष्ट्र प्रथम, सर्वदा प्रथम” थीम के साथ एक नया “भारतीय विश्व रिकॉर्ड” हासिल करने में भागीदारी की। यह रिकॉर्ड राष्ट्रीय गौरव के प्रति जुनून के साथ प्रेरणा और प्रोत्साहन से हासिल किया गया। समन्वयक डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी ने बताया कि इसके निर्णायक सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता डॉ. जीवीएन आरएसएसएस वारा प्रसाद थे। इसका प्रमाणपत्र डॉ. विवेकानन्द बाबू, संस्थापक संपादक, इंडियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा प्रदान किया गया।

कुल प्रमुख बी.एल. गुर्जर ने प्रो. सारंगदेवोत को मेडल पहनाते हुए कहा कि यह विद्यापीठ की दूसरे रिकॉर्ड में भागीदारी है, इससे पूर्व भी कोविड 19 के लॉकडाउन के दौरान विद्यापीठ ने सर्वाधिक प्रतिभागियों के ऑनलाइन क्विज को आयोजित कर रिकॉर्ड बनाया था।

इस अवसर पर कुल प्रमुख बी.एल. गुर्जर, रजिस्ट्रार डॉ. तरुण श्रीमाली, पीठ स्थविर डॉ. कौशल नागदा, भरत बानू, निजी सचिव कृष्णकांत कुमावत, कार्य के समन्वयक डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी, विकास डांगी सहित विद्यापीठ के कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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