उदयपुर जिले में एसआईआर के लिए गणना प्रपत्र वितरण आज से


सभी सातों विधानसभा क्षेत्रों में घर-घर जाएंगे 1936 बीएलओ, प्रशिक्षण संपन्न
उदयपुर जिले में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए मंगलवार से सभी सातों विधानसभा क्षेत्रों में 1936 बीएलओ घर-घर जाकर सर्वेक्षण कार्य शुरू करेंगे। सभी उपखण्ड स्तर पर ईआरओ के निर्देशन में सोमवार को बीएलओ को प्रशिक्षण दिया गया।
प्रथम चरण में 4 नवम्बर से 4 दिसंबर तक सभी बीएलओ मतदाताओं के घर-घर पहुंचकर उनसे दो प्रतियों में गणना प्रपत्र भरवाएंगे, जिनमें से एक प्रति रसीद के रूप में मतदाता के पास रहेगी। उदयपुर जिले में 27 अक्टूबर, 2025 की स्थिति के अनुसार कुल 19,62,340 मतदाता पंजीकृत हैं। इनकी विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा गणना प्रपत्र भरवाकर जांच की जाएगी।


क्या है गणना प्रपत्र
भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत गणना प्रपत्र को काफी सरल बना दिया है। अब यह एक ही पृष्ठ का होगा, जिसमें मतदाता से संबंधित मूल सूचनाएं — जैसे नाम, ईपिक नंबर, पता तथा वर्तमान मतदाता सूची के अनुसार भाग एवं क्रमांक संख्या — पहले से भरी हुई होंगी। साथ ही मतदाता की फोटो भी गणना प्रपत्र पर मुद्रित होगी।
बीएलओ घर-घर जाकर प्रत्येक मतदाता को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराएंगे और उसे भरने में सहायता भी करेंगे। मतदाता को प्रपत्र में अपनी जन्म तिथि, आधार संख्या (वैकल्पिक), पिता या अभिभावक का नाम व ईपिक नंबर (वैकल्पिक), माता का नाम व ईपिक नंबर (वैकल्पिक), मोबाइल नंबर जैसी जानकारी भरनी होगी तथा एक नवीनतम रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो भी चिपकानी होगी।


गणना प्रपत्र में ही पूर्व एसआईआर की मतदाता सूची से वर्तमान मतदाताओं की सूचनाएं शामिल की जाएंगी। जिन मतदाताओं का स्वयं का नाम पूर्व सूची में नहीं है, किंतु उनके रिश्तेदार (जैसे माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी आदि) का नाम शामिल है, तो गणना प्रपत्र में उस रिश्तेदार का विवरण भरकर मैपिंग की जाएगी।









