उदयपुर से शुरू हुआ ई-वेस्ट संग्रहण अभियान, घर-घर पहुंचेगी सुविधा


उदयपुर में ई-वेस्ट संग्रहण का पायलट प्रोजेक्ट शुरू, घर बैठे होगा ई-कचरे का निस्तारण
– पांच ब्लॉकों में गांव-गांव जाकर होगा संग्रहण, 31 अक्टूबर तक चलेगा अभियान
– जिला परिषद सीईओ ने वाहन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
उदयपुर, 1 अक्टूबर। जिले में स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत इलेक्ट्रॉनिक कचरे (ई-वेस्ट) का सुरक्षित संग्रहण, पुनर्चक्रण और निपटान सुनिश्चित करने के लिए बुधवार को ई-वेस्ट संग्रहण अभियान की शुरुआत की गई। जिला परिषद उदयपुर की मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिया डाबी ने जिला परिषद परिसर से ई-वेस्ट वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
रिया डाबी ने बताया कि इनोवेटिव गवर्नेंस रिफॉर्म्स फेडरेशन (आईजीआरएफ) की सहभागिता से पहले चरण में जिले की पांच पंचायत समितियों – गिर्वा, मावली, कुराबड़, बड़गांव और वल्लभनगर – क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों में 31 अक्टूबर तक ई-वेस्ट संग्रहण किया जाएगा। संग्रहित ई-वेस्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाएगा। साथ ही आमजन को स्वच्छता बनाए रखने, सफाई में सहयोग करने और अपशिष्ट प्रबंधन के तरीकों के बारे में भी जागरूक किया जाएगा।
गांवों में कलेक्शन सेंटर और घर-घर संग्रहण
अभियान के तहत सभी पंचायत समितियों में ई-वेस्ट कलेक्शन सेंटर स्थापित किए गए हैं। यहां पुराने मोबाइल, लैपटॉप, चार्जर, कंप्यूटर, फ्रिज, की-बोर्ड, एलईडी, ट्यूबलाइट्स जैसे इलेक्ट्रॉनिक कबाड़ को जमा किया जा सकेगा। ई-वेस्ट वाहन घर-घर जाकर भी यह सामग्री एकत्र करेगा। प्रत्येक जमा करवाने वाले का विवरण दर्ज किया जाएगा और उन्हें रसीद भी दी जाएगी। संग्रहित ई-वेस्ट को प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा अधिकृत केंद्र पर निस्तारित किया जाएगा।
राज्य में पहली बार उदयपुर से शुरुआत
आईजीआरएफ के निदेशक डॉ. विजय व्यास ने इस पहल को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने ई-वेस्ट से मानव स्वास्थ्य और प्रकृति पर होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी और बताया कि राज्य में यह अभियान पहली बार उदयपुर से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है। एक माह बाद समीक्षा की जाएगी और इसके दायरे को बढ़ाया जाएगा। अभियान की शुरुआत पोस्टर विमोचन के साथ की गई, जहां ई-वेस्ट को विशेष पात्रों में डालकर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
“स्वच्छ ढाणी ऐप” से घर बैठे सुविधा
जिला परिषद उदयपुर ने नवाचार के रूप में “स्वच्छ ढाणी ऐप” विकसित किया है। इस ऐप पर सफाई से संबंधित समस्याएं दर्ज करवाई जा सकती हैं। अब इसमें ई-वेस्ट शिकायत का विकल्प भी जोड़ दिया गया है। ग्रामीण क्यूआर कोड स्कैन कर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं और उसकी स्थिति को ट्रैक भी कर सकते हैं। सात दिन के भीतर संबंधित ग्राम विकास अधिकारी द्वारा शिकायत का निस्तारण किया जाएगा। पंचायत समिति स्तर पर विकास अधिकारी और जिला स्तर पर जिला परिषद सीईओ स्वयं “स्वच्छ ढाणी ऐप” के डैशबोर्ड की निगरानी करते हैं।









