आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस एंड एप्लीकेशन्स पर आयोजित दो दिवसीय अन्तरराष्ट्रीय कांफ्रेंस का समापन

 आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस एंड एप्लीकेशन्स पर आयोजित दो दिवसीय अन्तरराष्ट्रीय कांफ्रेंस का समापन

जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), उदयपुर के संघटक डिपार्टमेंट ऑफ कंप्यूटर साइंस एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी द्वारा “आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस एंड एप्लीकेशन्स” (ICAIA-2026) विषय पर आयोजित दो दिवसीय अन्तरराष्ट्रीय कांफ्रेंस का समापन समारोह विश्वविद्यालय सभागार में गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। यह कांफ्रेंस आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस के नवीनतम शोध, व्यावहारिक अनुप्रयोगों और भविष्य की संभावनाओं पर मंथन का प्रभावी मंच बनी।

दो दिवसीय इस अन्तरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में भारत सहित विभिन्न देशों से आए 200 से अधिक विषय विशेषज्ञों, शिक्षकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। आयोजित तकनीकी सत्रों में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की उभरती तकनीकों, उनके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों तथा नवाचार आधारित समाधानों पर सार्थक चर्चा हुई।

समापन समारोह का शुभारंभ विभाग की निदेशक प्रो. मंजू माण्डोत के स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने कहा कि यह कांफ्रेंस शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों को सुदृढ़ करने के साथ-साथ शिक्षाविदों, शोधार्थियों और उद्योग जगत के बीच प्रभावी संवाद स्थापित करने में सफल रही। उन्होंने बताया कि ह्यूमन-एआई इंटरफ़ेस, एथिकल एआई, एजेंटिक एआई, एआई एजेंट्स, नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग, बिग डेटा एनालिटिक्स, मशीन लर्निंग और जनरेटिव एआई जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

कांफ्रेंस के मुख्य अतिथि माननीय कुलपति ऑनरेरी कर्नल प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत ने सफल आयोजन के लिए आयोजक टीम को बधाई दी और प्रतिभागियों के शोध प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि निरंतर परिश्रम और सीखने की भावना से ही युवा आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

विशिष्ट अतिथि उदयपुर ग्रामीण विधायक श्री फुल सिंह मीणा ने कहा कि डिजिटल युग में विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में युवाओं की भूमिका निर्णायक है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस में दक्षता प्राप्त कर सामाजिक, आर्थिक और तकनीकी विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

आईक्यूएसी डायरेक्टर डॉ. युवराज सिंह राठोड ने प्रस्तुत शोधपत्रों पर भविष्य में और गहन शोध की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इससे आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में नवीन समाधान विकसित होंगे और समाज को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

दो दिवसीय कांफ्रेंस के दौरान कुल पाँच तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें 85 शोधपत्रों का वाचन हुआ। देश-विदेश से आए शोधार्थियों ने अपने शोध प्रस्तुत कर नवीन अनुसंधान, तकनीकी नवाचारों और व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर विमर्श किया, जिसे प्रतिभागियों ने सराहा।

कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. भारत सिंह देवड़ा द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर डॉ. मनीष श्रीमाली, डॉ. गौरव गर्ग, डॉ. प्रदीप सिंह शक्तावत, डॉ. भरत सुखवाल, डॉ. दिलीप चौधरी सहित अनेक संकाय सदस्य, कर्मचारीगण और विद्यार्थी उपस्थित रहे। इस प्रकार ICAIA-2026 कांफ्रेंस ज्ञान-विनिमय, शोध संवर्धन और अकादमिक-उद्योग सहयोग को प्रोत्साहित करने वाला सफल आयोजन सिद्ध हुआ।

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