बाल श्रम व भिक्षावृत्ति मुक्ति हेतु चलाये जा रहे स्माईल उदयपुर अभियान को मिला आमजन का सहयोग

 बाल श्रम व भिक्षावृत्ति मुक्ति हेतु चलाये जा रहे स्माईल उदयपुर अभियान को मिला आमजन का सहयोग

पर्यटन नगरी उदयपुर को बाल श्रम एवं बाल भिक्षावृत्ति से मुक्त करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन, पुलिस विभाग एवं बाल अधिकारिता विभाग, उदयपुर के संयुक्त प्रयास से चलाए जा रहे “स्माइल उदयपुर” अभियान को आमजन का व्यापक समर्थन मिल रहा है। अभियान के तहत दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठानों पर बाल श्रम एवं बाल भिक्षावृत्ति मुक्त प्रतिष्ठान के स्टीकर चस्पा कर अपना समर्थन दर्ज कराया।

जिला कलेक्टर नमित मेहता के निर्देशन में जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, बाल अधिकारिता विभाग, उदयपुर तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उदयपुर के साझा प्रयास से यह अभियान 1 जनवरी से 31 मार्च तक संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य पर्यटन नगरी उदयपुर को पूरी तरह बाल श्रम एवं बाल भिक्षावृत्ति से मुक्त बनाना है।

जनवरी के प्रथम सप्ताह में अभियान के अंतर्गत शहर के प्रमुख पर्यटक स्थलों एवं प्रमुख मंदिर क्षेत्रों में विशेष जागरूकता गतिविधियाँ संचालित की गईं। इन गतिविधियों में बाल अधिकारिता विभाग, चाइल्ड हेल्पलाइन, मानव तस्करी विरोधी यूनिट तथा विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं—बाल सुरक्षा नेटवर्क, गायत्री सेवा संस्थान, आजीविका ब्यूरो, महिला सुरक्षा अनुसंधान केंद्र आदि—के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

स्माइल उदयपुर अभियान के नोडल अधिकारी एवं सहायक निदेशक, बाल अधिकारिता विभाग, के.के. चंद्रवंशी ने बताया कि 1 से 7 जनवरी के मध्य उदयपुर शहर के 500 से अधिक प्रतिष्ठान एवं दुकानों के संचालकों ने अभियान के प्रति सकारात्मक सहयोग प्रदान किया। इन प्रतिष्ठानों ने स्वयं को बाल श्रम एवं बाल भिक्षावृत्ति मुक्त घोषित करते हुए विभाग द्वारा जारी स्टीकर चस्पा किए तथा शपथ पत्र भी भरे। इसके साथ ही प्रमुख चौराहों एवं सार्वजनिक स्थलों पर पोस्टर, बैनर एवं स्टीकर लगाकर आमजन को जागरूक किया गया।

अभियान के दौरान बाल अधिकारिता विभाग, चाइल्ड हेल्पलाइन एवं एनजीओ के संयुक्त रेस्क्यू दल द्वारा की गई कार्रवाइयों की जियो-टैगिंग करते हुए फोटोग्राफ भी लिए गए, ताकि अभियान की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा सके।

अभियान के दौरान राजस्थान राज्य बाल संरक्षण आयोग के सदस्य के.के. कुमार कविया, बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक के.के. चंद्रवंशी, बाल संरक्षण अधिकारी राजकुमार जीनगर, मानव तस्करी विरोधी यूनिट की रेखा मीणा, चाइल्ड हेल्पलाइन जिला समन्वयक नवनीत औदीच्य एवं उनकी टीम, बाल सुरक्षा नेटवर्क के संयोजक बी.के. गुप्ता, गायत्री सेवा संस्थान के कार्यक्रम समन्वयक नीतिन पालीवाल, पायल कनेरिया, विवेक, प्रसा अनुसंधान संस्था से मंजरी गुप्ता, श्वेता जोशी तथा आजीविका ब्यूरो से पंकज सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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