एमएलएसयू में इमोशन-फोकस्ड थेरेपी पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित

 एमएलएसयू में इमोशन-फोकस्ड थेरेपी पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित

मोहन लाल सुखाडिया विश्विद्यालय के मनोविज्ञान विभाग में इमोशन-फोकस्ड थेरेपी पर दो दिवसीय कार्यशाला 16 एवं 17 फरवरी को आयोजित हुई। कार्यशाला की अध्यक्षता प्रोफेसर मदन सिंह राठौड अधिष्ठाता सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी महाविद्यालय ने की। प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर डॉ. तरुण कुमार शर्मा ने बताया कि यह कार्यशाला राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान 2.0 के अंतर्गत आयोजित हुई जिसमें 65 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

कार्यशाला आयोजन सचिव डॉ. हेमा कुमारी मेहर के निर्देशन में हुई। कार्यशाला से विद्यार्थियों को विषय की गहन समझ प्राप्त हुई, जिससे उनके शैक्षणिक एवं व्यावहारिक ज्ञानवर्धन के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुई। विद्यार्थियों ने विशेष रूप से बताया कि यह प्रशिक्षण उनके भावनात्मक विकास और आत्म-जागरूकता को सुदृढ़ करने में सहायक रहा।

कार्यशाला की मुख्य वक्ता डॉ. असीरा चिरमुले, मुंबई ने कहा कि भावनाओं को समझना, स्वीकारना एवं संतुलित रूप से अभिव्यक्त करना मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।उन्होंने प्रतिभागियों को इमोशन फोकस्ड थैरेपी की सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक पक्षों से विस्तारपूर्वक अवगत कराया। उन्होंने भावनाओं की प्रकृति, भावनाओं की पहचान, नामकरण तथा विनियमन जैसे महत्वपूर्ण आयामों पर विस्तृत चर्चा की। ईएफटी की तकनीकों के लाइव डेमो द्वारा प्रतिभागियों ने परामर्श प्रक्रिया में इसके उपयोग को समझा।

इस अवसर पर डॉ. वर्षा शर्मा, डॉ. रश्मि सिंह, डॉ. रमेश बागड़ी, हनुमंत सिंह देवड़ा भी उपस्थित थे।

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