देश भर के ज्योतिषियों का महाकुंभ: दो दिवसीय ‘ज्योतिष मंथन’ 14 मार्च से

 देश भर के ज्योतिषियों का महाकुंभ: दो दिवसीय ‘ज्योतिष मंथन’ 14 मार्च से

झीलों की नगरी उदयपुर में भारतीय प्राच्य विद्या और ज्योतिष विज्ञान के गहन विश्लेषण के लिए ‘ज्योतिष मंथन’ का आयोजन होने जा रहा है। यह दो दिवसीय वार्षिक अधिवेशन ज्योतिष अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान तथा मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जाएगा।

आयोजन की मुख्य कड़ियाँ
यह कार्यक्रम 14 एवं 15 मार्च को विश्वविद्यालय परिसर स्थित स्वर्ण जयंती अतिथि गृह सभागार में संपन्न होगा। संस्थान के अध्यक्ष एवं प्रख्यात ज्योतिषाचार्य पंडित हरिश्चंद्र शर्मा ने कार्यक्रम की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि इस अधिवेशन का उद्देश्य ज्योतिष शास्त्र की वैज्ञानिकता और सामाजिक सरोकारों पर चर्चा करना है।

दिग्गज विद्वानों की उपस्थिति
अधिवेशन का उद्घाटन सत्र बेहद खास होने वाला है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर विनोद शास्त्री शिरकत करेंगे। उनके साथ ही ज्योतिष और संस्कृत जगत के कई अन्य प्रतिष्ठित विद्वान भी मंच साझा करेंगे।

देशभर से जुटेंगे शोधार्थी
इस दो दिवसीय समागम में केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि देशभर के जाने-माने ज्योतिषी और विद्वान भाग लेंगे। शोध आलेखों का वाचन होगा और प्रतिभागी ज्योतिष के विभिन्न आयामों पर अपने नवीन शोधपरक आलेख प्रस्तुत करेंगे। विषय चर्चा के तहत फलित ज्योतिष, वास्तु शास्त्र, हस्तरेखा और खगोलीय गणनाओं जैसे विषयों पर गहन मंथन होगा।
विभिन्न संवाद सत्र में आधुनिक युग में ज्योतिष की प्रासंगिकता और इसकी वैज्ञानिक चुनौतियों पर चर्चा की जाएगी।

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