आईजी श्रीवास्तव ने किया पॉक्सो अधिनियम जागरूकता पोस्टर का विमोचन


उदयपुर, 7 अक्टूबर। उदयपुर पुलिस महानिरीक्षक श्री गौरव श्रीवास्तव ने मंगलवार को अपने कक्ष में रेंज के सभी पुलिस अधीक्षकों की उपस्थिति में पॉक्सो अधिनियम जागरूकता विषयक पोस्टर का विमोचन किया। “सुरक्षित बचपन – उज्ज्वल भविष्य – सशक्त समाज” विषय पर आधारित इस पोस्टर का विमोचन करते हुए आईजी श्रीवास्तव ने कहा कि सशक्त समाज के निर्माण के लिए बालकों का उचित संरक्षण हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बालकों को यौन शोषण से बचाने के लिए लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की जानकारी आमजन तक पहुंचाना आवश्यक है ताकि बच्चों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
इस अवसर पर उदयपुर पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल, राजसमंद पुलिस अधीक्षक डॉ. ममता गुप्ता, चित्तौड़गढ़ पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी, बांसवाड़ा पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी, डूंगरपुर पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार, सलूंबर पुलिस अधीक्षक राजेश यादव और प्रतापगढ़ पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य, कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एएसपी हर्ष रतनू तथा यूनिसेफ की बाल संरक्षण सलाहकार श्रीमती सिंधु बिनुजीत उपस्थित रहीं।
श्रीमती सिंधु बिनुजीत ने बताया कि इस पोस्टर के माध्यम से बालकों को यौन शोषण से बचाने हेतु पॉक्सो कानून की जानकारी दी गई है तथा यह संदेश दिया गया है कि हर बच्चे को सुरक्षित और सम्मानजनक बचपन का अधिकार है। पॉक्सो अधिनियम, 2012 बच्चों को यौन अपराधों से कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि बच्चों के साथ किसी भी संदिग्ध गतिविधि या यौन अपराध की सूचना तुरंत पुलिस को 112 अथवा 1098 चाइल्ड लाइन पर दें।
इसके साथ ही बाल संरक्षण के प्रति सभी वर्गों से अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया गया है। बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा, छेड़छाड़ या शोषण की सूचना देना विधिक बाध्यता है। ऐसी घटनाओं की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। पीड़ित बच्चे की पहचान गोपनीय रखना हमारी कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी है। बाल यौन शोषण अपराध है — इसे छिपाना नहीं, रोकना जरूरी है। विद्यालय, परिवार और समाज — सभी को बच्चों की सुरक्षा में सहभागी बनना होगा।









