घरेलू कुत्तों और बिल्लियों में भी मधुमेह रोग का खतरा


विश्व मधुमेह दिवस के अवसर पर पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान के उपनिदेशक डॉ. सुरेन्द्र छंगाणी ने जानकारी देते हुए बताया कि न केवल मनुष्यों में, बल्कि पालतू कुत्तों और बिल्लियों में भी मधुमेह की बीमारी को गंभीरता से लेना आवश्यक है। इसके प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है।
डॉ. छंगाणी ने बताया कि फिलहाल शहर में 8 से 10 कुत्तों में मधुमेह की पुष्टि हुई है और इनका उपचार जारी है। उन्होंने कहा कि कुत्ते के मालिकों को अपने पालतू जानवरों के आहार, स्वास्थ्य और नियमित व्यायाम पर विशेष ध्यान देना चाहिए। कुत्तों में भूख कम लगना, कमजोरी, अधिक पेशाब आना, बेचैनी और मोटापा बढ़ना जैसे लक्षण दिखाई देने पर सतर्क हो जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि कुत्ते के मूत्र और रक्त की जांच कर इस बीमारी का आसानी से पता लगाया जा सकता है।









