फूलों के संग रंगों की उड़ान: टचिंग द फ्लावर कार्यशाला में सजी रचनात्मक दुनिया


उदयपुर, 27 सितम्बर। रंगों, पत्तों और फूलों की महक से सराबोर हरे-भरे वातावरण में शनिवार को आर्ट जंक्शन रेजीडेंसी, बड़ंगा में लिथुआनिया की ख्यातनाम कलाकार ज़िद्रिजा जानुशाइते की अनोखी और प्रेरणादायी कला कार्यशाला “टचिंग द फ्लावर” आयोजित हुई। यह सत्र न केवल कला-प्रेमियों बल्कि गाँव के बच्चों और शहर से आए प्रतिभागियों के लिए भी कल्पना और प्रकृति के संग संवाद का विशेष अवसर बना।
प्रतिभागियों ने इस कार्यशाला में मोनोटाइप प्रिंटिंग तकनीक का अनुभव किया, जिसमें पत्तियों, फूलों, रंगों और रेखाओं का जादुई मेल दिखाई दिया। हर प्रिंट अपनी तरह का एकमात्र और अद्वितीय था – सचमुच “एक स्पर्श की कला”। सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने पत्तों और फूलों के साथ कोलाज और प्रिंट बनाए, फूल और फूलदान से प्रेरित रचनाएँ गढ़ीं तथा रंगों के खेल को नए अंदाज़ में समझा।
हर प्रिंट अपनी कहानी खुद कहता है
कार्यशाला की खासियत यह रही कि सभी कला-सामग्री यहीं उपलब्ध कराई गई, जिससे प्रतिभागी केवल अपनी रचनात्मकता और आनंद में डूब सके। रंगों और फूलों की खुशबू से सजे माहौल ने हर एक की कल्पना को पंख दिए। कलाकार ज़िद्रिजा जानुशाइते ने कहा – “यह एक स्पर्श की कला है, जहाँ हर प्रिंट अपनी कहानी खुद कहता है।”
आर्ट जंक्शन के निदेशक चिमन डांगी ने बताया कि इस कार्यशाला की सफलता को देखते हुए रविवार को भी सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें नए प्रतिभागियों को जुड़ने का अवसर मिलेगा।
यह आयोजन लिथुआनियन कल्चरल काउंसिल (Lietuvos Kultūros Taryba) और आर्ट जंक्शन रेजीडेंसी के सहयोग से सम्पन्न हुआ। सत्र के अंत में प्रतिभागी अपनी बनाई हुई रंगीन और प्रकृति-प्रेरित कलाकृतियाँ अपने साथ लेकर गए, जो इस यादगार दिन की खूबसूरत निशानी बन गईं।









