भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जयंती पर शिल्पग्राम में कार्यक्रम


कलाकारों एवं छात्राओं की मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों ने मन मोहा
भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जयंती समारोह के उपलक्ष में शुक्रवार को शिल्पग्राम के बंजारा चौक पर सांस्कृतिक कार्यक्रम “सौंध माटी आदि कलांगन” आयोजित किया गया।
पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के निदेशक फुरकान खान ने बताया कि भगवान बिरसा मुण्डा जयंती समारोह के तहत यह कार्यक्रम जिला प्रशासन उदयपुर, जनजातीय क्षेत्रीय विकास विभाग उदयपुर और पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न जनजातीय कलाओं का प्रदर्शन किया गया। पहली प्रस्तुति राजस्थान के बारां जिले से आए सहरिया स्वांग गोपाल धानुक दल द्वारा दी गई, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। इसके बाद मेवाड़ अंचल की जनजातीय लोक नाट्य गवरी की प्रस्तुति अलसीगढ़, उदयपुर से आए मांगीलाल एवं उनके दल ने दी।


इसके पश्चात वीर बाला कालीबाई छात्रावास की छात्राओं द्वारा चरी नृत्य की अद्भुत प्रस्तुति हुई। फिर खेल बालिका छात्रावास, मधुबन की छात्राओं ने आदिवासी नृत्य प्रस्तुत किया। इसके बाद बारां जिले से आई श्रीमती तस्वीर एवं दल ने चकरी नृत्य की प्रस्तुति देकर दर्शकों की तालियां बटोरीं। अंत में गुजरात के छोटा उदयपुर से शिल्पग्राम के शिल्पदर्शन में शामिल राठवा जनजाति के मंगेश भाई एवं दल ने राठवा नृत्य प्रस्तुत किया।


कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि, जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग उदयपुर की उपायुक्त निरमा विश्नोई, पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र उदयपुर के उपनिदेशक (कार्यक्रम) पवन अमरावत, सहायक निदेशक (वित्त एवं लेखा) दुर्गेश चांदवानी तथा अधीक्षण अभियंता सी.एल. सालवी द्वारा भगवान बिरसा मुण्डा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की गई। कार्यक्रम का संचालन उदय सिंह कितावत ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र उदयपुर के सहायक निदेशक (वित्त एवं लेखा) दुर्गेश चांदवानी ने किया।


कार्यक्रम में आयुर्वेदिक कॉलेज एवं जेके स्कूल निम्बाहेड़ा के विद्यार्थी, साथ ही बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक उपस्थित रहे।









