भारत का लक्ष्य — विश्व पर्यटन सूचकांक में टॉप टेन में जगह, जीडीपी में 10% योगदान का संकल्प

 भारत का लक्ष्य — विश्व पर्यटन सूचकांक में टॉप टेन में जगह, जीडीपी में 10% योगदान का संकल्प

‘वन स्टेट-वन ग्लोबल ट्यूरिज्म डेस्टिनेशन’ को लेकर राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस शुरू
सभी राज्यों के पर्यटन मंत्रियों ने दिए प्रजेंटेशन

उदयपुर, 14 अक्टूबर। झीलों और प्राकृतिक सौंदर्य से ओतप्रोत अनुपम एवं रमणीय पर्यटन नगरी उदयपुर में भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के तत्वावधान में दो दिवसीय राष्ट्रीय पर्यटन कॉन्फ्रेंस का मंगलवार को भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्रसिंह शेखावत, पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाबचंद कटारिया, राजस्थान की उपमुख्यमंत्री श्रीमती दिया कुमारी, विभिन्न राज्यों के पर्यटन मंत्री एवं केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम होटल मेरिएट में आयोजित किया गया।

कांफ्रेंस में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के वन स्टेट-वन ग्लोबल ट्यूरिज्म डेस्टिनेशन विज़न की परिणिति के प्रारंभिक चरण में विभिन्न राज्यों के पर्यटन मंत्रियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में संभावित ग्लोबल डेस्टिनेशनों और प्रस्तावों पर प्रस्तुतिकरण दिए।

पर्यटन मंत्रालय की सचिव सुश्री वी. विद्यावती ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि भारत में वैश्विक पर्यटन के सभी तत्व मौजूद हैं, परंतु अभी भी अपेक्षित वृद्धि के लिए कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के निर्देशानुसार देश में 50 नए ग्लोबल ट्यूरिज्म डेस्टिनेशन विकसित करने के लिए सभी राज्यों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। यह कॉन्फ्रेंस देश में पर्यटन विकास की नई रूपरेखा तय करने में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगी।

उपमुख्यमंत्री ने जताया आभार

राजस्थान की उपमुख्यमंत्री श्रीमती दिया कुमारी ने कॉन्फ्रेंस के लिए राजस्थान को चुने जाने पर केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री शेखावत का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि “राजस्थान का हर किला और महल अपनी कहानी कहता है। हमारा गौरवपूर्ण इतिहास, रंगीन विरासत, कला और संस्कृति विश्वभर में अपनी अलग पहचान रखते हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के विज़न के तहत राजस्थान को विश्व का अग्रणी पर्यटन स्थल बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि “श्री शेखावत का राजस्थान से होना हमारे लिए सौभाग्य की बात है और उनके मार्गदर्शन से राज्य को विशेष लाभ मिल रहा है।”

पर्यटन विकास में स्वस्थ स्पर्धा, लक्ष्य प्राप्ति की शुरुआत — श्री शेखावत

कांफ्रेंस के उद्घाटन सत्र में केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्रसिंह शेखावत ने कहा कि “उदयपुर न केवल एक मनमोहक डेस्टिनेशन है, बल्कि भारत की महान ऐतिहासिक धरोहर भी है।” उन्होंने बताया कि पहले पर्यटन क्षेत्र में अपेक्षित प्रयास नहीं किए गए, लेकिन अब राज्यों के बीच पर्यटन विकास को लेकर स्वस्थ स्पर्धा आरंभ हो चुकी है, जो वैश्विक स्तर की अपेक्षाओं को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि “प्रधानमंत्री के विज़न के अनुसार हर राज्य में कम से कम एक ग्लोबल ट्यूरिज्म डेस्टिनेशन विकसित किया जाएगा। भारत कोविड के बाद पर्यटन को पुनर्जीवित करने वाले अग्रणी देशों में शामिल है। वर्ष 2024 में भारत में लगभग 2 करोड़ विदेशी पर्यटक आए और घरेलू पर्यटन में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।”

श्री शेखावत ने बताया कि “वर्तमान में विश्व पर्यटन सूचकांक (WTI) में भारत 39वें स्थान पर है। इसमें से 18-20 प्रतिशत पैरामीटर केंद्र सरकार से संबंधित हैं, शेष राज्यों पर आधारित हैं। इसलिए राज्यों को गंभीरता से कार्य करना होगा।” उन्होंने कहा कि “भारत का लक्ष्य WTI में शीर्ष 10 देशों में स्थान बनाना और जीडीपी में पर्यटन का योगदान 5-6 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत तक ले जाना है।”

उन्होंने यह भी कहा कि “पिछले वर्षों में भारतीय पर्यटकों का विदेशों की ओर रुझान बढ़ा है, इसलिए हमें ‘पहले अपना देश घूमो, फिर विदेश जाओ’ की अवधारणा को बढ़ावा देना चाहिए।”

मेवाड़ पर पुरखों और प्रकृति का आशीर्वाद — श्री कटारिया

पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाबचंद कटारिया ने उदयपुर में कांफ्रेंस आयोजित किए जाने पर आभार व्यक्त किया और कहा कि “मेवाड़ पर पुरखों और प्रकृति दोनों का आशीर्वाद है। यहां का गौरवपूर्ण इतिहास, स्वतंत्रता के संघर्ष की गाथाएं, झीलें, हरे-भरे पहाड़ और धार्मिक महत्व इसे विशिष्ट बनाते हैं।” उन्होंने सभी अतिथियों से उदयपुर और इसके आसपास के पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने और पर्यटन विकास के सुझाव देने का आग्रह किया।

राजस्थान की प्रस्तुति में झलकी शौर्य, संस्कृति और आध्यात्म की त्रिवेणी

राष्ट्रीय पर्यटन कॉन्फ्रेंस के पहले दिन विभिन्न सत्रों में राजस्थान सहित कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अपने प्रस्तुतिकरण दिए। राजस्थान की ओर से पर्यटन सचिव श्री राजेश यादव और पर्यटन आयुक्त श्रीमती रुक्मणि रियाड़ ने शौर्य, संस्कृति और आध्यात्म की त्रिवेणी के रूप में महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट (उदयपुर), जैसलमेर और पुष्कर को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा।

इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी, लक्षद्वीप, गुजरात और महाराष्ट्र ने भी अपने प्रजेंटेशन दिए।

कार्यक्रम के समापन पर पर्यटन मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव एवं महानिदेशक श्री सुमन बिल्ला ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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