कला, संस्कृति और वैश्विक एकता के साथ दुनिया भर के विशेष दिव्यांग बच्चों की प्रस्तुति देखकर अचंभित रह गए दर्शक

 कला, संस्कृति और वैश्विक एकता के साथ दुनिया भर के विशेष दिव्यांग बच्चों की प्रस्तुति देखकर अचंभित रह गए दर्शक

कला, संस्कृति और वैश्विक एकता की भावना को सशक्त रूप से आगे बढ़ाते हुए हर आर्ट ग्लोबल फाउंडेशन एवं सनराइज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘वन वर्ल्ड इंटरनेशनल 2026’ का समापन समारोह भावनात्मक, प्रेरक और यादगार प्रस्तुतियों के साथ संपन्न हुआ। समापन अवसर पर विशेष दिव्यांग बच्चों की एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। नेपाल, श्रीलंका, मॉरीशस और भारत से आए युवा कलाकारों ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से पूरी दुनिया को एक सूत्र में पिरो दिया। 5 जनवरी से प्रारंभ हुए इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन ने उदयपुर को वैश्विक संवाद, सांस्कृतिक विविधता और समावेशिता का सजीव केंद्र बना दिया।

समापन दिवस विशेष रूप से बौद्धिक विमर्श और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के नाम रहा। इस अवसर पर आयोजित मॉडल यूनाइटेड नेशन (MUN) सत्र में विभिन्न देशों से आए युवा प्रतिनिधियों ने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर गंभीर और परिपक्व चर्चा की। महिला अधिकार, मानवाधिकार, मीडिया की स्वतंत्रता, वैश्विक शांति और सतत विकास जैसे विषयों पर संयुक्त राष्ट्र की औपचारिक कार्यप्रणाली का अनुकरण करते हुए प्रस्ताव रखे गए और समाधान सुझाए गए। इस सत्र ने युवाओं की नेतृत्व क्षमता, तार्किक सोच और वैश्विक दृष्टिकोण को प्रभावशाली ढंग से उजागर किया।


‘रिदम-ए-रास’ नृत्य प्रतियोगिता में भी विभिन्न देशों के प्रतिभागियों ने सराहनीय प्रस्तुतियां दीं। नेपाल, श्रीलंका, मॉरीशस और भारत के युवा कलाकारों ने अपनी-अपनी सांस्कृतिक पहचान को मंच पर जीवंत किया। पारंपरिक लोक नृत्य, शास्त्रीय लय और समकालीन अभिव्यक्तियों का यह संगम दर्शकों के लिए अविस्मरणीय अनुभव रहा। प्रतियोगिता का निर्णायक दायित्व आयरलैंड से आईं सुश्री एलिज़ाबेथ वैगस्टाफ ने निभाया। प्रस्तुतियों ने यह स्पष्ट किया कि संस्कृतियां भले ही अलग हों, लेकिन भावनाएं और मानवीय जुड़ाव सार्वभौमिक होते हैं।

कार्यक्रम की गरिमा उस समय और बढ़ गई, जब मंच पर ‘वी आर वन’ विशेष नृत्य प्रस्तुति दी गई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समावेशी कला के लिए पहचानी जाने वाली वी आर वन डांस टीम ने विभिन्न शारीरिक क्षमताओं वाले कलाकारों को एक मंच पर प्रस्तुत कर यह संदेश दिया कि कला किसी सीमा की मोहताज नहीं होती। सशक्त भाव-भंगिमाओं, तालमेल और संवेदनशील अभिव्यक्ति के माध्यम से इस प्रस्तुति ने समानता, आत्मबल और एकता का गहन संदेश दिया।

समापन समारोह में सनराइज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर एवं समाजसेवी हरीश राजानी को आयोजन में दिए गए सहयोग के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि वे इस तरह के आयोजन हर वर्ष उदयपुर में आयोजित करना चाहेंगे। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रमोद सामर, सम्मानित अतिथि राकेश बजाज तथा विशिष्ट अतिथि समाजसेवी एवं भाजपा नेता श्रीमती सुषमा कुमावत उपस्थित रहीं। डॉ. रचना करणपुरिया, डॉ. विद्या वर्मा एम्बलीपितिया प्रेसिडेंट्स सेंटल एवं सीआरपीएफ पब्लिक स्कूल, रोहिणी (दिल्ली) के प्रतिनिधियों ने भी अपनी गरिमामय उपस्थिति से कार्यक्रम को गौरवान्वित किया। अतिथियों ने युवाओं के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया।

आयोजक सुश्री ललिता स्वामी सहित संपूर्ण आयोजन टीम ने बताया कि ‘वन वर्ल्ड इंटरनेशनल 2026’ का उद्देश्य केवल सांस्कृतिक प्रस्तुतियां नहीं, बल्कि युवाओं में वैश्विक सह-अस्तित्व, सम्मान और समावेशी सोच को विकसित करना है। यह आयोजन युवाओं के लिए प्रेरणा, आत्मविश्वास और व्यापक वैश्विक दृष्टिकोण का स्रोत बना।

‘वन वर्ल्ड इंटरनेशनल 2026’ ने निरंतर यह संदेश दिया कि ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ केवल एक विचार नहीं, बल्कि व्यवहार में उतारी जाने वाली वैश्विक जिम्मेदारी है। उदयपुर से उठी यह आवाज़ आज दुनिया को एकता, करुणा, प्रेरणा और सामूहिक भविष्य की ओर आमंत्रित कर रही है।

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