उदयपुर में मतदाता सूची पुनरीक्षण की रफ्तार तेज — 83.85% गणना प्रपत्र हुए वितरित


मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की प्रगति
उदयपुर जिले में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत निर्वाचक नामावली के गणना प्रपत्रों का वितरण और डिजिटाइजेशन कार्य तेजी से प्रगति पर है। बुधवार सुबह 10 बजे तक प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार जिले में कुल 16,45,483 गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं, जो निर्धारित लक्ष्य का 83.85 प्रतिशत है।


विधानसभा-वार स्थिति
झाड़ोल विधानसभा क्षेत्र ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है, जहां बुधवार सुबह तक 88.75 प्रतिशत फॉर्म वितरित हो चुके हैं। झाड़ोल क्षेत्र में कुल 2,90,515 पंजीकृत मतदाता हैं, जिनमें से 2,57,822 को गणना प्रपत्र दिए जा चुके हैं। इस क्षेत्र में 71.86 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है।
उदयपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में कुल 2,97,386 पंजीकृत मतदाता हैं, जिनमें से 2,61,044 गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं, जो 87.78 प्रतिशत वितरण है। इसी प्रकार, वल्लभनगर क्षेत्र में 2,70,329 मतदाताओं में से 2,33,047 को गणना प्रपत्र वितरित किए गए हैं, जो 86.21 प्रतिशत वितरण दर्शाता है।
गोगुन्दा और खेरवाड़ा क्षेत्रों में क्रमशः 86.92 और 86.79 प्रतिशत फॉर्म वितरण हुआ है। गोगुन्दा क्षेत्र में कुल 2,73,946 मतदाता हैं, जिनमें से 2,38,108 को गणना प्रपत्र मिल चुके हैं। खेरवाड़ा क्षेत्र के 3,12,077 मतदाताओं में से 2,70,843 को गणना प्रपत्र वितरित किए गए हैं। मावली क्षेत्र में 2,65,139 मतदाताओं में से 1,86,817 को गणना प्रपत्र वितरित किए गए हैं, जो 70 प्रतिशत से अधिक वितरण है। वहीं उदयपुर शहरी विधानसभा क्षेत्र में 2,52,948 पंजीकृत मतदाताओं में से 1,97,802 को गणना प्रपत्र दिए जा चुके हैं, जो 78.20 प्रतिशत वितरण है।


असंग्रहणीय फॉर्म के प्रमुख कारण
जिले में बुधवार सुबह तक कुल 4,115 असंग्रहणीय फॉर्म पाए गए हैं। इनमें मुख्य कारण मृत्यु (1,449), स्थायी रूप से स्थानांतरण या अनुपस्थिति (1,116) और पहले से नामांकित मतदाता (2,137) हैं।
ऑनलाइन गणना प्रपत्र जमा करने की सुविधा
भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं के लिए गणना प्रपत्र ऑनलाइन जमा करने की सुविधा भी प्रदान की है। इसके लिए मतदाता आयोग की वेबसाइट पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं। ध्यान रहे कि मतदाता केवल अपने लिए ही ऑनलाइन गणना प्रपत्र भर सकता है। इसके लिए मतदाता पहचान पत्र और आधार कार्ड में नाम समान होना चाहिए तथा मोबाइल नंबर मतदाता पहचान पत्र से लिंक होना आवश्यक है। जो मतदाता अपना गणना प्रपत्र ऑनलाइन भरता है, उसे बीएलओ द्वारा दिया जाने वाला फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं है।


प्रशासन की अपील और निर्देश
जिला निर्वाचन अधिकारी नमित मेहता ने सभी ईआरओ को शेष गणना प्रपत्रों के शीघ्र वितरण और डिजिटाइजेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मतदाताओं से भी विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम में सक्रिय सहयोग की अपील की है। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि शत-प्रतिशत वितरण और अधिकतम डिजिटाइजेशन का लक्ष्य पूरा किया जाए, ताकि अंतिम मतदाता सूची पूरी तरह अद्यतन और त्रुटिरहित हो।
सत्यापन प्रक्रिया का उद्देश्य
निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि सत्यापन प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से न छूटे और अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में न रहे। जब बीएलओ आपके घर आए, तो गणना प्रपत्र भरकर उन्हें उपलब्ध करवाएं। प्रपत्र भरते समय किसी दस्तावेज की आवश्यकता नहीं है। मतदाता दोनों प्रतियां भरकर बीएलओ को जमा करें और एक प्रति रसीद के रूप में अपने पास रखें। इस प्रकार, मतदाता आसानी से अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करा सकेंगे।









