साइबर अपराधों की रोकथाम व जागरूकता पर रेंज स्तरीय कार्यशाला शुरू

 साइबर अपराधों की रोकथाम व जागरूकता पर रेंज स्तरीय कार्यशाला शुरू

सोशल मीडिया से हो रहे साइबर अपराध और इन पर अंकुश लगाने के तकनीकी पहलुओं की दी जानकारी

पुलिस महानिरीक्षक श्री गौरव श्रीवास्तव के निर्देशन में उदयपुर रेंज पुलिस द्वारा यूनिसेफ राजस्थान के सहयोग से संचालित ‘पुलिसिंग फॉर केयर ऑफ चिल्ड्रन’ कार्यक्रम के तहत साइबर अपराधों की रोकथाम व जागरूकता पर तीन दिवसीय रेंज स्तरीय कार्यशाला गुरुवार को पेसिफिक विश्वविद्यालय के पेसिफिक इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलॉजी के सभागार में शुरू हुई।

कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एएसपी हर्ष रत्नू के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला में जयपुर से आए साइबर विशेषज्ञों ने सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग से साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं, इन अपराधों के विभिन्न तरीकों और पुलिस कर्मियों द्वारा की जाने वाली कार्यवाही की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने साइबर अपराध व साइबर फ्रॉड पर अंकुश लगाने के तकनीकी पहलुओं और इस दिशा में बनाए गए नए कानूनी प्रावधानों पर भी प्रकाश डाला। विशेषज्ञों ने कहा कि जब अपराधी तकनीक का दुरुपयोग करता है, तब पुलिस को भी तकनीक का बेहतर उपयोग कर ऐसे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना चाहिए ताकि स्मार्ट पुलिसिंग का उदाहरण प्रस्तुत किया जा सके।

साइबर एक्सपर्ट अक्षय उपाध्याय ने इंटरनेट पर विभिन्न वेबसाइटों, वेब पोर्टलों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम आदि के माध्यम से होने वाले साइबर फ्रॉड के तरीकों और उनकी पहचान करने संबंधी तकनीकी जानकारी दी। उन्होंने प्रस्तुति (पीपीटी) के माध्यम से प्रतिभागियों को साइबर अपराध से जुड़े मामलों की जांच के दौरान ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बिंदुओं और बारीकियों के बारे में बताया।

कार्यशाला की शुरुआत यूनिसेफ राजस्थान की संभाग स्तरीय बाल संरक्षण सलाहकार सिंधु बिनुजीत के स्वागत उद्बोधन से हुई। उन्होंने साइबर विशेषज्ञों का परिचय करवाया और कार्यशाला की आवश्यकता व उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए उदयपुर रेंज स्तर पर संचालित ‘पुलिसिंग फॉर केयर ऑफ चिल्ड्रन’ कार्यक्रम की रूपरेखा साझा की।

कार्यशाला के आयोजन में पाहेर विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ साइंस एंड टेक्नॉलॉजी के चेयरमैन प्रो. दिलेंद्र हिरण और पेसिफिक विश्वविद्यालय के लॉ कॉलेज की प्राचार्या डॉ. पुष्पा मेहडू का विशेष सहयोग रहा। इस अवसर पर रेंज के सभी जिलों के साइबर थानों और साइबर सेल से चयनित प्रतिभागियों सहित कार्यक्रम टीम के दिलीप सालवी, सुनील व्यास, पेसिफिक इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलॉजी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. राजकुमार चौधरी, राजेश कुमावत आदि लगभग 45 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

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