शहर के युवाओं ने जरूरतमंद बच्चों संग मनाई दिवाली


हेल्पिंग युथ संस्थान, द मिशन ऑफ़ हैप्पीनेस एवं स्टर्लिंग अरावली के संयुक्त तत्वाधान में एक विशेष सामाजिक पहल के तहत दिवाली उत्सव का आयोजन किया गया। यह आयोजन उदयपुर क़े उबेश्वर जी मंदिर के पास पिपलिया गांव में किया गया.
इस अवसर पर टीम ने गांव के जरूरतमंद बच्चों और परिवारों के बीच स्टेशनरी किट, बिस्किट, चॉकलेट, मिठाई, पटाखे और दीपक वितरित किए। बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह की चमक देखते ही बन रही थी। कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों के साथ संवाद और खेल-कूद गतिविधियों से हुई, जिससे माहौल और भी उल्लासमय बन गया।


कार्यक्रम का नेतृत्व द मिशन ऑफ़ हैप्पीनेस से हितेश कुमावत एवं हेल्पिंग युथ संस्थान के अध्यक्ष दिव्येश बन्दवाल ने किया इस अवसर पर टीम के सदस्य तनिष्क चौधरी, महेंद्र तंवर, शुभम कुमावत, भावेश तंबोली, मोहित सालवी सहित स्टर्लिंग अरावली की पूरी टीम मौजूद रही और सभी ने मिलकर इस सामाजिक पहल को सफल बनाया।
कार्यक्रम के दौरान गांववासियों द्वारा संस्थान की टीम का गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
विशेष रूप से तनिष्क चौधरी ने गांववासियों का उपरना ओढ़ाकर सम्मान किया, जिससे माहौल में आपसी सम्मान और अपनापन झलक उठा।
इस अवसर पर द मिशन ऑफ़ हैप्पीनेस के संस्थापक हितेश कुमावत ने कहा —समाज की असली सुंदरता तभी बढ़ती है जब हम अपने आसपास के जरूरतमंद लोगों की मदद करें। हर छोटे प्रयास से बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। दिवाली सिर्फ रोशनी का नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने का त्योहार है — और आज इन बच्चों की मुस्कान हमारी सबसे बड़ी रोशनी है।”
वहीं हेल्पिंग युथ संस्थान के अध्यक्ष दिव्येश बन्दवाल ने कहा हमारा उद्देश्य सिर्फ आयोजन करना नहीं, बल्कि युवाओं में सेवा और संवेदना की भावना जगाना है। जब युवा समाज के लिए काम करते हैं, तभी सच्चे अर्थों में परिवर्तन संभव होता है। दिवाली की असली खुशी दूसरों के जीवन में रोशनी लाने में है।”
संस्थान क़े शुभम कुमावत ने बताया कि इस तरह के कार्यों का उद्देश्य समाज में मानवता, सहयोग और एकता की भावना को बढ़ावा देना है।
गांववासियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस बार उनकी दिवाली सच में रोशन हुई।
कार्यक्रम के अंत में बच्चों में मिठाइयों और दीपक का वितरण किया गया, जिससे पूरे गांव में खुशियों का माहौल फैल गया, महेंद्र तवर ने कहाँ की “जहाँ मुस्कान बाँटी जाए, वहीं सच्ची दिवाली मनती है।” कार्यक्रम क़े अन्त मे भावेश तम्बोली ने सबका आभार किया









