ई-वेस्ट दिवस 2025: जागरूकता और नागरिक सहभागिता के साथ मनाया गया

 ई-वेस्ट दिवस 2025: जागरूकता और नागरिक सहभागिता के साथ मनाया गया

उदयपुर, 17 अक्टूबर। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल, उदयपुर द्वारा अंतर्राष्ट्रीय ई-वेस्ट दिवस 2025 जन जागरूकता गतिविधियों और नागरिक सहभागिता के साथ मनाया गया। क्षेत्रीय कार्यालय उदयपुर ने 14 से 16 अक्टूबर तक विभिन्न जन जागरूकता कार्यक्रम और प्रचार-प्रसार गतिविधियों का आयोजन किया। इन गतिविधियों का उद्देश्य ई-वेस्ट के जिम्मेदार प्रबंधन को प्रोत्साहित करना, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के सतत उपयोग को बढ़ावा देना, तथा परित्यक्त इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं से महत्वपूर्ण खनिजों की पुनर्प्राप्ति के महत्व को रेखांकित करना रहा, जिससे नए संसाधनों के खनन पर निर्भरता कम की जा सके।

अभियान की शुरुआत 14 अक्टूबर को हुई, जब उदयपुर की औद्योगिक और संस्थागत इकाइयों के 2000 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी अपने-अपने कार्यस्थलों पर समूहों में ई-वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण और पुनर्चक्रण के लिए अधिकृत रिसायकलर्स के माध्यम से कार्य करने की शपथ ली। जिला कलेक्टर नमित मेहता ने इस अवसर पर पोस्टर का विमोचन कर आमजन से ई-वेस्ट को गंभीरता से निस्तारित करने की अपील की।

इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय ई-वेस्ट दिवस की थीम “Recycle Your E-Waste – It’s Critical” रही। इसी विषय पर केंद्रित जन जागरूकता कार्यशालाएं 15 अक्टूबर को पैसिफिक इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एवं आर.आर. डेंटल कॉलेज, उमरड़ा में तथा 16 अक्टूबर को गीतांजलि इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्निकल स्टडीज़, डबोक और पैसिफिक डेंटल कॉलेज, देबारी में आयोजित की गई। इन कार्यशालाओं में 250 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया, जिन्हें ई-वेस्ट पुनर्चक्रण की आवश्यकता, महत्वपूर्ण कच्चे पदार्थों (क्रिटिकल रॉ मटीरियल्स) की पुनर्प्राप्ति तथा इलेक्ट्रॉनिक अपशिष्ट के असंतुलित निस्तारण से उत्पन्न संसाधन, पर्यावरण एवं स्वास्थ्य प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया।

जन जागरूकता का दायरा बढ़ाने हेतु राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल, उदयपुर ने एनजीओ ट्रस्ट ऑफ पीपल के अंतर्गत संचालित फिनीलूप परियोजना के सहयोग से नगर निगम, उदयपुर परिसर में आयोजित दीपावली मेला 2025 में एक ई-वेस्ट जन जागरूकता स्टॉल स्थापित किया। अब तक 1000 से अधिक आगंतुकों ने इस स्टॉल पर आयोजित लाइव डेमो और इंटरएक्टिव सत्रों के माध्यम से ई-वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जिम्मेदार उपयोग के विषय में सहभागिता की।

प्रतिभागियों द्वारा ई-वेस्ट पर नारे लिखने पर कपड़े के थैले प्रदान किए गए, जबकि ई-वेस्ट या उपयोग की हुई प्लास्टिक बोतलें जमा कराने वालों को पैसिफिक हॉस्पिटल, उमरड़ा में 800 रुपये तक मूल्य के निःशुल्क स्वास्थ्य जांच कूपन वितरित किए गए।

क्षेत्रीय अधिकारी शरद सक्सेना ने बताया कि दीपावली पर्व तक यह जन जागरूकता अभियान दीपावली मेले में निरंतर संचालित रहेगा, जिससे अधिक से अधिक नागरिक इस मुहिम से जुड़ सकें। प्रतिभागियों को स्लोगन लिखने, ई-वेस्ट या प्लास्टिक बोतल जमा करने पर कपड़े के थैले और स्वास्थ्य जांच कूपन प्रदान कर वैज्ञानिक ई-वेस्ट अथवा प्लास्टिक वेस्ट निस्तारण, संसाधन पुनर्प्राप्ति और पर्यावरणीय उत्तरदायित्व के प्रति जागरूक किया जाएगा।

उन्होंने उदयपुर शहर के सभी नागरिकों से अपील की कि दीपावली को पर्यावरण अनुकूल तरीके से मनाएँ, केवल ग्रीन क्रैकर्स (हरित पटाखे) का ही उपयोग करें, पटाखे रात 8 बजे से 10 बजे के बीच ही चलाएँ, तथा खाली डिब्बों और अपशिष्ट को नगर निगम, उदयपुर द्वारा स्थापित अस्थायी अपशिष्ट संग्रह केंद्रों पर ही जमा कराएँ।

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