‘आत्म बोध से विश्व बोध’ के संकल्प के साथ अखिल भारतीय साहित्य परिषद का राष्ट्रीय अधिवेशन सम्पन्न

 ‘आत्म बोध से विश्व बोध’ के संकल्प के साथ अखिल भारतीय साहित्य परिषद का राष्ट्रीय अधिवेशन सम्पन्न

अखिल भारतीय साहित्य परिषद का तीन दिवसीय 17वां राष्ट्रीय अधिवेशन ‘आत्म बोध से विश्व बोध’ की संकल्पना के साथ रीवा के कृष्णा राज कपूर ऑडिटोरियम में सम्पन्न हुआ। अधिवेशन में भारत के विभिन्न प्रांतों से आए एक हजार से अधिक साहित्यकारों ने भाग लिया, जिनमें राजस्थान से 45 साहित्यकार शामिल रहे।

समापन सत्र के दौरान साहित्य, संस्कृति और राष्ट्रीय चेतना से जुड़े महत्वपूर्ण विचार रखे गए तथा आगामी वर्षों के लिए परिषद की रूपरेखा तय की गई। इस अवसर पर नई कार्यकारिणी की घोषणा भी की गई, जिसमें उदयपुर विभाग के विभाग प्रचारक रह चुके मनोज कुमार को राष्ट्रीय संगठन मंत्री नियुक्त किया गया।

विचार सत्र के दौरान संगठन मंत्री मनोज कुमार ने धर्मांतरण के मुद्दे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि “एकात्म विचार के माध्यम से ही भारत का पुनर्वैभव संभव है।” संगठन सत्र में महामंत्री डॉ. पवनपुत्र बादल ने परिषद के वर्षभर के कार्यों की आगामी रूपरेखा प्रस्तुत की और कार्यकर्ताओं को हनुमान जी के जीवन मूल्यों को आदर्श बनाकर समाज में प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया।

समापन सत्र को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह अतुल लिमये ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि “सद्‌साहित्य मनुष्य को रचनात्मक दृष्टि प्रदान करता है। वर्तमान समय में सोशल मीडिया के कुछ माध्यम एवं कुसंस्कृति परोसने वाले लेखक भारतीय जीवन पद्धति और संस्कारों को कमजोर कर रहे हैं। ऐसे वातावरण में भारत राष्ट्र को कुसंस्कृति से बचाने की जिम्मेदारी अखिल भारतीय साहित्य परिषद की है।” उन्होंने कहा कि परिषद को लेखन कार्यशालाओं और विविध गतिविधियों के माध्यम से भारतीय समाज को ऐसी दिशा देनी चाहिए, जिससे राष्ट्र अपने उच्चतम गौरव को प्राप्त कर सके। इसके लिए परिषद की पहुंच समाज के हर वर्ग तक होनी चाहिए।

समापन सत्र में परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुशील चंद्र त्रिवेदी ने भी संबोधित किया। उन्होंने पुनः अध्यक्ष चुने जाने पर आभार व्यक्त किया और नव-निर्वाचित सभी पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं।

अधिवेशन का शुभारंभ पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किया। उद्घाटन सत्र में मध्यप्रदेश के उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर राष्ट्रीय प्रदर्शनी एवं भव्य शोभायात्रा का भी आयोजन किया गया।

नई केंद्रीय कार्यकारिणी का गठन

नई कार्यकारिणी में डॉ. सुशील चंद्र त्रिवेदी (उत्तर प्रदेश) को राष्ट्रीय अध्यक्ष, डॉ. पवनपुत्र बादल (उत्तर प्रदेश) को महामंत्री, और मनोज कुमार (दिल्ली) को संगठन मंत्री नियुक्त किया गया। मनोज कुमार पूर्व में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उदयपुर विभाग के विभाग प्रचारक, राजस्थान क्षेत्र के प्रचार प्रमुख तथा कल्याण आश्रम से भी जुड़े रहे हैं।

इसके साथ ही प्रो. बलवंत भाई जानी और श्रीधर पराड़कर को संरक्षक, डॉ. दिनेश प्रताप सिंह (महाराष्ट्र) और डॉ. के.सी. अजय कुमार (केरल) को उपाध्यक्ष, प्रकाश बैताला और कमलाकांत गर्ग (मध्य प्रदेश) को सह-कोषाध्यक्ष, (उड़ीसा) को कोषाध्यक्ष, तथा डॉ. नीलम राठी (दिल्ली) को संयुक्त महामंत्री चुना गया।


Related post