इलाज से आगे अवसरों का निर्माण: दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाएगा ‘वर्ल्ड ऑफ ह्यूमैनिटी’


नारायण सेवा संस्थान का ‘वर्ल्ड ऑफ ह्यूमैनिटी’ केवल चिकित्सा केंद्र नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों के आत्मनिर्भर भविष्य का प्रवेश द्वार है। संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने कहा कि यहाँ से हर व्यक्ति यह विश्वास लेकर लौटेगा कि वह सक्षम है और जीवन को नए सिरे से गढ़ सकता है।
इस परिसर में मोबाइल रिपेयरिंग, कंप्यूटर ट्रेनिंग, फैशन डिजाइनिंग, टेलरिंग, मैकेनिकल स्किल्स जैसे स्वरोजगार आधारित प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जाएंगे। साथ ही विशेष योग्य बच्चों के लिए आवासीय विद्यालय भी होगा, जहाँ शिक्षा, पोषण, उपचार और मानसिक सहयोग एक साथ मिलेगा।
संस्थान संस्थापक कैलाश मानव ने बताया कि 1985 में शुरू हुई यह सेवा यात्रा अब देश-विदेश तक पहुँच चुकी है। समाज के सहयोग से भविष्य में करोड़ों दिव्यांगजनों और जरूरतमंदों तक सहायता पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है।
संस्थान ने आगामी 25 वर्षों के लिए बड़े संकल्प भी घोषित किए हैं, जिनमें लाखों ऑपरेशन, कृत्रिम अंग वितरण, निशुल्क फिजियोथेरेपी, सेवा केंद्रों का विस्तार, सामूहिक विवाह, कौशल प्रशिक्षण और करोड़ों लोगों को भोजन सहायता शामिल है।









