वर्ल्ड हार्ट डे 2025: युवाओं में बढ़ती हार्ट बीमारियों पर पारस हेल्थ उदयपुर का जागरूकता अभियान


- युवाओं में बढ़ती हृदय संबंधी बीमारियाँ चिंता का विषय
- समय रहते जांच से बीमारी की जल्दी पहचान संभव
- सही जीवनशैली और नए इलाज के तरीकों के बारे में जागरूकता ज़रूरी
उदयपुर, 24 सितंबर 2025: हृदय रोगों के उपचार, रोकथाम और जागरूकता के लिए प्रति वर्ष 29 सितंबर को दुनिया भर में वर्ल्ड हार्ट डे मनाया जाता है। इसी सिलसिले में पारस हेल्थ उदयपुर ने एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में आमजन को भारत में बढ़ती कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों और उन्हें रोकने व समय रहते पहचानने में नई तकनीकों की भूमिका के बारे में जानकारी दी गई।


भारत के रजिस्ट्रार जनरल के सर्वे के अनुसार, कार्डियोवैस्कुलर बीमारियाँ अभी भी देश में मौत का सबसे बड़ा कारण हैं। ये बीमारियाँ लगभग 31% मौतों के लिए ज़िम्मेदार हैं। विश्व स्तर पर भी हृदय रोग सबसे बड़ी मौत का कारण हैं, और भारत में 40 वर्ष से कम उम्र के लोगों में इनके मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार तनाव, गलत खानपान, अनियमित जीवनशैली और शारीरिक गतिविधि की कमी इसके मुख्य कारण हैं। लेकिन समय पर जांच, नई तकनीकों का उपयोग और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने से कई हृदय रोगों को रोका या नियंत्रित किया जा सकता है।
इस अवसर पर डॉ. अमित खंडेलवाल, निदेशक एवं विभागाध्यक्ष – कार्डियोलॉजी (इंटरवेंशनल), पारस हेल्थ उदयपुर ने कहा, हृदय रोग अब सिर्फ बुज़ुर्गों तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि अब हम युवाओं में भी उच्च रक्तचाप, मधुमेह और शुरुआती ब्लॉकेज के मामले देख रहे हैं। CT कोरोनरी एंजियोग्राफी जैसी उन्नत जांच तकनीक और कम चीरे वाली इंटरवेंशनल प्रक्रियाओं के साथ यदि लोग सही जीवनशैली अपनाएँ तो हम जोखिम को समय रहते पहचान सकते हैं और कई जिंदगियाँ बचा सकते हैं। जागरूकता ही सुरक्षा की पहली सीढ़ी है।
फैसिलिटी डायरेक्टर, पारस हेल्थ उदयपुर, डॉ. प्रसुन कुमार ने कहा, पारस हेल्थ में हमारा ध्यान केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि रोकथाम और जागरूकता पर भी केंद्रित है। ऐसे कार्यक्रमों के ज़रिए हम लोगों को नियमित जांच कराने, अपने जोखिम के कारणों को समझने और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का सही उपयोग करने के लिए प्रेरित करते हैं। वर्ल्ड हार्ट डे के मौके पर हम सभी से अपील करते हैं कि वे नियमित रूप से हृदय जांच कराएँ, रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल पर ध्यान दें। इसके अलावा स्वस्थ हृदय के लिए सुरक्षित जीवनशैली अपनाएँ, ताकि खतरों को गंभीर रूप लेने से पहले ही रोका जा सके।
इस सत्र में तनाव, उच्च रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना, मोटापा और धड़कन की अनियमितता (एरिदमिया) जैसी गंभीर समस्याओं पर भी चर्चा की गई। साथ ही फिटनेस, संतुलित आहार, मानसिक स्वास्थ्य और समय पर मेडिकल चेकअप जैसी रोकथाम संबंधी रणनीतियों पर ज़ोर दिया गया। पारस हेल्थ उदयपुर ने एक बार फिर यह साबित किया कि वह बेहतर हार्ट केयर और जागरूकता के ज़रिए लोगों को स्वस्थ और लंबा जीवन देने के लिए पूरी तरह समर्पित है।









