जिला उदयपुर भारत स्काउट व गाइड का जिला परिषद वार्षिक अधिवेशन संपन्न

 जिला उदयपुर भारत स्काउट व गाइड का जिला परिषद वार्षिक अधिवेशन संपन्न

उदयपुर। राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड जिला मुख्यालय उदयपुर का तृतीय जिला परिषद वार्षिक अधिवेशन सूरजपोल स्थित स्काउट गाइड मंडल मुख्यालय के विवेकानंद सभागार में दीप प्रज्वलन और ईश प्रार्थना के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. दिनेश बंसल, सहायक निदेशक और मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, उदयपुर थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में हीरालाल व्यास जिला सचिव, मनमोहन स्वर्णकार सहायक राज्य संगठन आयुक्त स्काउट, डॉ. दीपक शर्मा निदेशक रॉकवुड शिक्षण संस्थान और डॉ. शौभालाल औदिच्य आयुर्वेदाचार्य उपस्थित रहे।

उदयपुर जिले के जिला संगठन आयुक्त स्काउट सुरेन्द्र कुमार पांडे ने बताया कि इस अवसर पर गत जिला परिषद के कार्यवृत की अनुपालना, प्रतिवेदन, लेखों की ऑडिट रिपोर्ट, चालू सत्र की वार्षिक योजना, बजट, संख्यात्मक एवं गुणात्मक प्रगति, विजिट, कार्यालय भवन रख-रखाव, निर्माण, मरम्मत, जिला एवं स्थानीय संघ रैली, राष्ट्रीय जंबूरी और आगामी जिला कार्यकारिणी बैठक सहित अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।

मुख्य अतिथि डॉ. दिनेश बंसल ने जिले के सभी राजकीय और निजी विद्यालयों व महाविद्यालयों में स्काउटिंग और गाइडिंग की प्रवृत्ति को अनिवार्य बताते हुए प्रशिक्षित स्काउटर, गाइडर, रोवर और रेंजर लीडरों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने अपने बाल्यकाल की स्काउटिंग को याद करते हुए बताया कि बचपन में सीखी गयी स्काउटिंग आज प्रेरणा देती है। शिक्षा विभाग से हर संभव सहयोग का आश्वासन देते हुए उन्होंने जिले के स्काउट गाइड संगठन की सेवाओं की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।

जिला सचिव हीरालाल व्यास ने शिक्षण संस्थाओं में संचालित यूनिट और यूनिट लीडरों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए सभी से संगठन को उन्नति की ओर ले जाने का आह्वान किया। सहवृत सदस्य डॉ. शौभालाल औदिच्य ने स्वस्थ जीवन जीने के टिप्स साझा किए और जीवनचर्या एवं खानपान में बदलाव पर जोर दिया। डॉ. दीपक शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि समय के अनुसार रोजाना नई इनोवेशन करने पर चिंतन आवश्यक हो गया है और स्काउटिंग जैसी पवित्र संस्था से जुड़कर जीवन जीने की कला सीखने का अवसर मिलता है। उन्होंने सभी शिक्षण संस्थाओं में इस प्रवृत्ति का अनिवार्य संचालन और मॉनिटरिंग पर जोर दिया।

अभिलाषा मिश्रा, जिला संगठन आयुक्त गाइड ने गाइड गतिविधियों की जानकारी दी। उदयपुर और सलूम्बर जिले के मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, पदेन प्रभारी सहायक जिला कमिश्नर स्काउट नगेन्द्र मेहता, माया बजाड, किरण कोटिया, दुर्गेश कुमार मेनारिया, सतीश गांधी, प्रमोद कुमार शर्मा, जिला कमिश्नर गाइड अशोक कुंवर आदि उपस्थित रहे और अपने विचार व्यक्त किए।

स्थानीय संघों के सचिव गणपत लाल मेनारिया भीण्डर, श्याम किशोर उपाध्याय सलूम्बर, वक्तावर सिंह देवड़ा कुराबड़, सोहनलाल मेघवाल लसाडिया, मंगल कुमार जैन वल्लभनगर, भगवती लाल साहू, सुशील कुमार सेवदा और ट्रेनिंग काउंसलर्स ने अपने स्थानीय संघ की विशिष्ट उपलब्धियों की जानकारी साझा की।

सुभाष चंद्र लीडर ट्रेनर स्काउट ने सचिवों के दायित्वों की जानकारी दी और अंजना शर्मा लीडर ट्रेनर गाइड ने ट्रेनिंग काउंसलर्स के दायित्व तथा बैज परीक्षकों की नियुक्ति के संबंध में जानकारी प्रदान की। मनमोहन स्वर्णकार सहायक राज्य संगठन आयुक्त स्काउट ने भारत स्काउट गाइड प्रतीक चिन्ह, झंडा दिवस, स्टीकर और आगामी गतिविधियों में सहभागिता पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर राधेश्याम मेनारिया, प्रधानाचार्य राबाउमावि कूंथवास और सहायक लीडर ट्रेनर स्काउट को संगठन में 20 वर्षों की निश्छल सेवाओं के लिए दीर्घकालीन अवार्ड से सम्मानित किया गया। स्थानीय संघ सलूम्बर के सचिव श्याम किशोर उपाध्याय को हिमालय वुडबैज कोर्स सफलता पूर्वक पूर्ण करने पर बिट्स, स्कार्फ पहनाकर पार्चमेंट प्रदान किया गया। प्रमोद कुमार सुथार और पवन कुमार रावल को मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के उपनिदेशक पद पर पदोन्नत होने पर मेवाड़ी पाग, उपरणा और प्रतीक चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया।

जिले के श्रेष्ठ सचिवों को उनके क्षेत्र में की गई उल्लेखनीय सेवाओं और उपलब्धियों के लिए स्कार्फ, उपरणा और प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। जिले के प्रभारी सहायक जिला कमिश्नर स्काउट, गाइड, सचिव, ट्रेनिंग काउंसलर्स और रोवर्स विशाल गुप्ता, दिव्यांश ब्रिजवानी आदि ने संगठन को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। अंत में मनमोहन स्वर्णकार ने सभी का धन्यवाद प्रकट किया और राष्ट्रगान के साथ अधिवेशन का समापन हुआ।

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