बैंकों का अस्तित्व ग्राहकों से, इसलिए ग्राहक हित को रखें सर्वापरि – श्री संजय मल्होत्राआरबीआई गर्वनर ने बैंकर्स को दी सीख

 बैंकों का अस्तित्व ग्राहकों से, इसलिए ग्राहक हित को रखें सर्वापरि – श्री संजय मल्होत्राआरबीआई गर्वनर ने बैंकर्स को दी सीख

वित्तीय क्षेत्र में अदावाकृत संपत्ति के निपटान के लिए विशेष शिविर
शिविर स्थल पर ही 3.47 करोड़ की अदावाकृत संपत्ति का निपटारा

भारतीय रिजर्व बैंक के गर्वनर श्री संजय मल्होत्रा ने कहा कि ग्राहकों से ही बैंक का अस्तित्व है। इसलिए बैंकर्स को चाहिए कि वे ग्राहक हित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करें और अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति तक वित्तीय समावेशन का लाभ पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाते हुए विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में योगदान दें।

श्री मल्होत्रा अपने उदयपुर प्रवास के दौरान शनिवार को भुवाना स्थित सॉलिटेयर गार्डन एंड बैंक्वेट में भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से वित्तीय क्षेत्र में अदावाकृत संपत्ति के निपटान के लिए “आपकी पूंजी आपका अधिकार” अभियान के तहत आयोजित विशेष शिविर को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में क्षेत्रीय निदेशक, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया श्री नवीन नाम्बियार, भारतीय स्टेट बैंक के उप प्रबंध निदेशक (संचालन-चैनल प्रबंधन) श्री शिवा ओम दीक्षित, बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. देबदत्त, डीएमडी भारतीय स्टेट बैंक जी. एस. राणा तथा संभागीय आयुक्त सुश्री प्रज्ञा केवलरमानी भी बतौर अतिथि मंचासीन रहे।

आरबीआई गर्वनर श्री मल्होत्रा ने कहा कि आरबीआई की ओर से बनाए गए सभी नियम और दिशानिर्देश ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार किए जाते हैं। बैंकर्स को चाहिए कि वे इन नियमों की सही व्याख्या करते हुए ग्राहकों को अधिकतम राहत प्रदान करें। उन्होंने कहा कि आज बैंकिंग केवल सुविधा नहीं बल्कि आवश्यकता बन गई है। तीस वर्ष पहले तक हम साक्षरता की बात करते थे, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पहल पर जनधन योजना के तहत सभी के लिए बैंक खाता खुलवाने का अभियान शुरू हुआ और अब हम डिजिटल साक्षरता की दिशा में आगे बढ़ चुके हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में राजस्थान में 100 प्रतिशत लोग नेट बैंकिंग, मोबाइल एप या यूपीआई के माध्यम से डिजिटल साक्षरता से जुड़े हुए हैं। इसके साथ ही उन्होंने डिजिटल फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों से सावधान रहने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

श्री मल्होत्रा ने “आपकी पूंजी आपका अधिकार” अभियान के बारे में बताया कि देशभर में करोड़ों बैंक खातों में करोड़ों रुपये की राशि ऐसी पड़ी है, जिस पर कोई दावा नहीं किया गया है। इनमें सरकारी खातों के साथ-साथ आमजन के खाते भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पहले कई लोग बैंक खाते खोलकर राशि जमा कराते थे, लेकिन मृत्यु के बाद परिवारजनों को इसकी जानकारी नहीं होने से वह राशि खातों में ही रह जाती है। आरबीआई के माध्यम से इस राशि को संबंधित हकदारों तक पहुंचाने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में विभिन्न स्थलों पर शिविर आयोजित कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने आमजन से खातों के प्रति जागरूक रहने और अपनी अदावाकृत संपत्ति प्राप्त करने का आह्वान किया। साथ ही बैंकिंग सेवाओं की पहुंच दूरदराज तक सुनिश्चित करने के लिए बैंक बीसी की संख्या बढ़ाने और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को बैंक सखी के रूप में जोड़ने का भी आह्वान किया।

कार्यक्रम में उप प्रबंध निदेशक (संचालन-चैनल प्रबंधन) श्री शिवा ओम दीक्षित और बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. देबदत्त ने भी अपने विचार व्यक्त किए तथा आरबीआई गर्वनर को “आपकी पूंजी आपका अधिकार” अभियान को सफल बनाने का विश्वास दिलाया। प्रारंभ में बैंक ऑफ बड़ौदा के महाप्रबंधक श्री एम. अनिल ने गर्वनर सहित सभी अतिथियों का स्वागत किया। आरबीआई जयपुर के उपमहाप्रबंधक विकास अग्रवाल, अग्रणी जिला प्रबंधक संजय गुप्ता, एसबीआई के वरिष्ठ अधिकारी राजेश जैन सहित बड़ी संख्या में बैंक अधिकारी उपस्थित रहे। संचालन धर्मवीर भाटिया ने किया।

अंत में भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य महाप्रबंधक सुश्री मेरी सगस्या डी ने आभार व्यक्त करते हुए बताया कि इस अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में 31 दिसंबर 2025 तक चरणबद्ध रूप से प्रत्येक जिले में जागरूकता एवं सहायता शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक नागरिक इस जनकल्याणकारी पहल का लाभ उठा सकें।

कार्यक्रम स्थल पर बैंकों, स्वयं सहायता समूहों, सीएफएल, आरसेटी, आरबीआई, बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट्स, सेबी और आईआरडीएआई के स्टॉल लगाए गए। आरबीआई गर्वनर सहित अन्य अतिथियों ने इन स्टॉल्स का अवलोकन कर संपादित किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

कार्यक्रम के तहत पीएमएसबीवाई, पीएमजेजेबीवाई के लाभार्थियों को चेक वितरण, अटल पेंशन योजना में पंजीकृत व्यक्तियों को पीआरएएन और अदावाकृत जमा के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए। अग्रणी जिला प्रबंधक श्री गुप्ता ने बताया कि उदयपुर में आयोजित शिविर के दौरान अनक्लेम्ड अमाउंट के 48 खातों में 3.47 करोड़ रुपये का निस्तारण किया गया। इसी प्रकार पीएमजेजेबीवाई के 14 लाभार्थियों को 28 लाख रुपये, पीएमएसबीवाई के 6 लाभार्थियों को 12 लाख रुपये और स्वनिधि योजना के 3 लाभार्थियों को कुल 45 हजार रुपये के चेक प्रदान किए गए।

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