हिंदुस्तान जिंक ‘डाउ जोन्स बेस्ट-इन-क्लास इंडेक्स 2026‘ में शामिल, विश्व की सबसे सस्टेनेबल माइनिंग कंपनी बनी


उदयपुर, 7 मई, 2026। विश्व की सबसे बड़ी एकीकृत जिंक उत्पादक और चांदी के शीर्ष वैश्विक उत्पादकों में शामिल हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड को पहली बार उभरते बाजारों के लिए ‘डाउ जोन्स बेस्ट-इन-क्लास इंडेक्स’ में शामिल किया गया है। यह मील का पत्थर कंपनी को पर्यावरण, सामाजिक और गवर्नेंस (ईएसजी) के क्षेत्र में दुनिया की चुनिंदा दिग्गज कंपनियों की श्रेणी में खड़ा करता है।
डाउ जोन्स का यह इंडेक्स उन कंपनियों को ट्रैक करता है जो आर्थिक विकास के साथ-साथ पर्यावरण और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाती हैं। यह निवेशकों को यह समझने में मदद करता है कि कौन-सी कंपनी भविष्य के लिए तैयार और सुरक्षित है। यह लंबी अवधि के आर्थिक, पर्यावरणीय और सामाजिक मानदंडों के आधार पर अग्रणी कंपनियों पर नजर रखता है और निवेशकों को विभिन्न क्षेत्रों एवं भौगोलिक क्षेत्रों में सस्टेनेबिलिटी प्रदर्शन का एक पारदर्शी दृष्टिकोण प्रदान करता है।
इस उपलब्धि पर हिन्दुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा ने कहा, “यह मान्यता दर्शाती है कि भविष्य की अर्थव्यवस्था में धातुओं की भूमिका बदल रही है। हमारा मानना है कि खनन का अगला दौर केवल उत्पादन क्षमता से नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और पारदर्शिता से पहचाना जाएगा। हमारे लिए सस्टेनेबिलिटी केवल एक लक्ष्य नहीं, बल्कि हमारे बिजनेस की नींव है। जैसे-जैसे दुनिया अधिक संसाधन-सचेत भविष्य की ओर तेजी से बढ़ रही है, हम जिम्मेदार उत्पादन में नए मानक स्थापित करने, मजबूत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में योगदान देने और भारत को जिम्मेदारी से उत्पादित धातुओं के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
2026 के डाउ जोन्स बेस्ट-इन-क्लास इंडेक्स में हिन्दुस्तान जिंक का शामिल होना मेटल्स और माइनिंग उद्योग में शीर्ष वैश्विक ईएसजी कंपनियों के बीच उसकी स्थिति को दर्शाता है। यह साबित करता है कि कंपनी की सस्टेनेबिलिटी प्रथाएं अग्रणी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के अनुरूप हैं और क्षेत्रीय मानकों से कहीं आगे हैं। 31 मार्च, 2026 तक, डीजेबीआईसी इमर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स में भारत की सिर्फ 25 कंपनियाँ शामिल हैं, जिनमें वेदांता लिमिटेड और हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड ही भारत के मेटल्स और माइनिंग सेक्टर से एकमात्र प्रतिनिधि हैं। यह जिम्मेदार संसाधन उत्पादन एवं सस्टेनेबल माइनिंग में हिन्दुस्तान जिंक की वैश्विक नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है।
वेदांता ग्रुप की कंपनी हिन्दुस्तान जिंक को एसएंडपी ग्लोबल कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट 2025 द्वारा मेटल्स और माइनिंग सेक्टर में विश्व की सबसे सस्टेनेबल कंपनी का दर्जा दिया गया है और यह इंटरनेशनल काउंसिल ऑन माइनिंग एंड मेटल्स में शामिल होने वाली पहली भारतीय माइनिंग कंपनी है। कंपनी ने अपना उत्पाद ‘इकोजेन’ भी लॉन्च किया है, जो एशिया का पहला कम-कार्बन वाला जिंक उत्पाद है। इसे रिन्यूएबल एनर्जी से बनाया गया है और यह पारंपरिक जिंक की तुलना में 75 प्रतिशत से अधिक कम कार्बन तीव्रता देता है, साथ ही ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग में नए मानक स्थापित करता है। इसके साथ ही हिन्दुस्तान जिंक एक सर्टिफाइड 3.32 गुना वॉटर पॉजिटिव कंपनी है एवं कंपनी ने 2050 तक या उससे पहले नेट-जीरो उत्सर्जन हासिल करने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है।
डाउ जोन्स बेस्ट-इन-क्लास इंडेक्स में शामिल होने के साथ हिन्दुस्तान जिंक एक ईएसजी-फर्स्ट संगठन के तौर पर अपनी वैश्विक स्थिति को और मजबूत कर रही है और यह दिखाती है कि किस प्रकार जिम्मेदार संसाधन उत्पादन, मजबूत गवर्नेंस और इनोवेशन सस्टेनेबल प्रगति को आगे बढ़ा सकते हैं।









