उदयपुर के 4 साइक्लिस्ट ने कड़ाके की ठंड और कोहरे को चीरते हुए 5 दिन में तय किया 1,050 कि.मी. का सफर

 उदयपुर के 4 साइक्लिस्ट ने कड़ाके की ठंड और कोहरे को चीरते हुए 5 दिन में तय किया 1,050 कि.मी. का सफर

झीलों की नगरी के युवाओं ने एक बार फिर अपनी संकल्प शक्ति और शारीरिक दक्षता का लोहा मनवाया है। उदयपुर के चार युवा साइक्लिस्ट जितेंद्र पटेल, ऋषभ जैन, रचित सिंघवी और शुभम कोठारी ने कड़ाके की सर्दी और चुनौतीपूर्ण मौसम को मात देते हुए उदयपुर से नैनीताल (कैंची धाम) तक की 1,050 किलोमीटर की यात्रा महज 5 दिनों में साइकिल से पूरी की।

​आयरनमैन का जज्बा और ‘कैंची धाम’ का लक्ष्य
​इस दल की खास बात यह रही कि इसमें शामिल जितेंद्र पटेल और ऋषभ जैन ‘आयरनमैन हैं, जिनके अनुभव और नेतृत्व ने पूरी टीम के हौसले को सातवें आसमान पर रखा। यह दल 22 जनवरी को उदयपुर के सरदारपुरा स्थित हनुमान मंदिर से बाबा नीब करोरी के दर्शन का संकल्प लेकर रवाना हुआ था।

​बारिश, कोहरा और कड़ाके की ठंड
​जितेंद्र पटेल ने बताया कि सफर काफी मुश्किल था। रास्ते में उत्तर भारत की कड़ाके की ठंड, विजिबिलिटी कम करने वाला घना कोहरा और बेमौसम बारिश ने राह रोकने की कोशिश की। टीम ने रोजाना 200 से 250 किलोमीटर तक साइकलिंग की। उदयपुर से अजमेर, कोटपूतली, गाजियाबाद, हल्द्वानी होते हुए नैनीताल पहुंचे।
इस कठिन सफर में लवदेव बागड़ी और कार्तिकेय सिंघवी ने बतौर क्रू मेंबर साथ रहकर टीम का मनोबल बढ़ाया। लव देव बागड़ी ओर कार्तिकेय ने भी दल का हौंसला बढ़ाने के लिए 450 किमी साइक्लिंग चलाकर साथ दिया।

26 जनवरी को लहराया तिरंगा
​गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर, यानी 26 जनवरी को यह जांबाज दल अपनी मंजिल ‘कैंची धाम’ पहुँचा। 1,050 किलोमीटर की इस सहनशक्ति परीक्षा को सफलतापूर्वक पूरा कर उन्होंने न केवल भक्ति बल्कि फिटनेस का भी एक बड़ा संदेश दिया है।
​रास्ते में कोहरा और बारिश एक बड़ी चुनौती थे, लेकिन जब लक्ष्य बाबा का धाम हो, तो थकान महसूस नहीं होती।

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