राजस्थान स्थापना दिवस पर राजस्थान राज्य अभिलेखागार, उदयपुर द्वारा प्रदर्शनी एवं संगोष्ठी का आयोजन


राजस्थान स्थापना दिवस के अवसर पर राजस्थान राज्य अभिलेखागार, उदयपुर द्वारा प्रदर्शनी एवं संगोष्ठी का आयोजन राजस्थान साहित्य अकादमी के पुस्तकालय भवन में किया गया। अभिलेखों में मेवाड़ पर आधारित इस प्रदर्शनी में सज्जन कीर्ति सुधारक, मेवाड़ गजट, पशुधन, कृषि आदि मेवाड़ रियासत के समय के गजट, शिलालेख, ताम्रपत्र, बहियाँ, अखबार, नक्शा आदि को प्रदर्शित किया गया।
कार्यक्रम में आज के समय में इतिहास की आवश्यकता पर बल दिया गया। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री ताराचंद जैन, विधायक उदयपुर शहर ने किया। श्री जैन ने कहा कि सारगर्भित इतिहास को समझना और उसे जानना हमारी आवश्यकता है, जो हमें अपने गौरवशाली इतिहास के बारे में बताता है। उन्होंने कहा कि इन अभिलेखों को विभिन्न समारोहों और आयोजनों के समय प्रदर्शित किया जाना चाहिए, ताकि जनता को उस समय के इतिहास के बारे में जानकारी मिल सके।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. श्रीकृष्ण जुगनू ने कहा कि मेवाड़ स्टेट के समय की भाषा, संस्कृति, खानपान और पुरालेखों को पढ़ना ही हमारी संस्कृति है। यही संस्कृति हमें इतिहास पढ़ने के लिए प्रेरित करती है। आज भी इतिहास के वे पन्ने जो प्राचीन काल में लिखे गए थे, उन्हें पढ़ना और समझना आवश्यक है।
डॉ. चंद्र सिंह सोलंकी ने बताया कि यह प्रदर्शनी दिनांक 16-03-2026 से 19-03-2026 तक तीन दिवसीय प्रदर्शनी के रूप में आयोजित की जा रही है, जो उदयपुर शहरवासियों, लेखकों, इतिहासकारों और विद्यार्थियों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. चंद्र सिंह सोलंकी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन कहानीकार रजत ने किया। संगोष्ठी में हेमंत जोशी, डॉ. कुंदन माली, सुनील टांक, प्रसिद्ध शिल्पकार सुनील लढ़ा, सरिता जैन, चिराग जोशी, सोहन लाल, मोहन लाल आदि उपस्थित रहे।









