जिला सहकार विकास समिति की बैठक संपन्न

 जिला सहकार विकास समिति की बैठक संपन्न

जिला सहकार विकास समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को प्रतापनगर स्थित सहकार भवन में आयोजित की गई। बैठक सहकारिता मंत्रालय के संयुक्त सचिव सिद्धार्थ जैन एवं सहकारिता विभाग, राजस्थान की शासन सचिव एवं पंजीयक सहकारी समितियाँ श्रीमती आनंदी की उपस्थिति में तथा जिला कलेक्टर नमित मेहता की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में जिले में सहकारी समितियों की गतिविधियों की समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।

बैठक को संबोधित करते हुए संयुक्त सचिव सिद्धार्थ जैन ने कहा कि सहकारिता एक अत्यंत व्यापक विषय है, जिसमें कार्य करने की अपार संभावनाएँ हैं। देश में कई सहकारी समितियाँ परंपरागत ढर्रे से हटकर प्रभावशाली कार्य कर रही हैं। उन्होंने सहकारिता को मजबूत करने के लिए वर्क प्रोफाइल से आगे बढ़कर कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया।

श्री जैन ने कहा कि सहकारिता विभाग के निरीक्षकों का कार्य केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं रहना चाहिए। यदि वे सहकारी समितियों के लिए सुविधा प्रदाता एवं मार्गदर्शक की भूमिका निभाएँ, तो समितियाँ निश्चित रूप से प्रगति करेंगी। समितियों की प्रगति से ही सहकारिता विभाग, केंद्रीय सहकारी बैंक एवं अपेक्स संस्थाएँ मजबूत होंगी।

उन्होंने बताया कि ग्राम स्तर पर स्थित पैक्स (प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियाँ) में आमतौर पर किसानों की आवाजाही केवल निश्चित समयावधि तक ही सीमित रहती है, जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए। पैक्स पर अन्य गतिविधियों को बढ़ावा देकर नियमित फुटफॉल बनाए रखने और किसानों से निरंतर जुड़ाव सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।

संयुक्त सचिव ने पैक्स को कुसुम योजना से जोड़ने, ई-मित्र सेवाएँ प्रारंभ कराने, अधिक से अधिक केंद्रों को खाद-बीज वितरण केंद्र के रूप में विकसित करने तथा सभी डेयरी संघों को केंद्रीय सहकारी बैंक से जोड़ने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने पैक्स प्रतिनिधियों को अन्य राज्यों में सहकारी समितियों द्वारा किए जा रहे नवाचारों का भ्रमण कराकर प्रोत्साहित करने के भी निर्देश दिए।

शासन सचिव श्रीमती आनंदी ने जिले में पैक्स की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। जिला कलेक्टर एवं समिति अध्यक्ष नमित मेहता ने संयुक्त सचिव द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप सहकारी समितियों की मजबूती के लिए हरसंभव प्रयास किए जाने का आश्वासन दिया।

बैठक में पैक्स को बहुउद्देशीय बनाने हेतु उनके आदर्श उपविधियों के पंजीकरण, पैक्स कंप्यूटरीकरण की प्रगति, पीएमकेएसके की प्रगति, 500 मीट्रिक टन गोदाम निर्माण कार्य की स्थिति, एफपीओ के रूप में कार्यरत एम-पैक्स, ई-सेवाओं की बेहतर पहुँच के लिए कॉमन सर्विस सेंटर एवं ई-मित्र के रूप में पैक्स द्वारा सेवाएँ प्रदान करना, बीबीएसएसएल, एनसीओएल एवं एनसीईएल की सदस्यता, प्रधानमंत्री जन-औषधि केंद्र की स्थापना, नवगठित एम-पैक्स के पंजीकरण एवं एक्शन प्लान, नवीन एम-पैक्स का डीसीसीबी से क्रेडिट लिंकेज, तथा जिले की निष्क्रिय प्राथमिक दुग्ध सहकारी समितियों को सक्रिय करने जैसे बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर (प्रशासन) दीपेंद्र सिंह राठौड़, सीईओ जिला परिषद रिया डाबी, अपेक्स महाप्रबंधक रंजीत सिंह चुंडावत, आरआईसीईएम निदेशक संजय पाठक, अतिरिक्त रजिस्ट्रार मुख्यालय भोमाराम, अतिरिक्त रजिस्ट्रार सहकारी समितियाँ गुंजन चौबे, संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार सुधीर वर्मा, संयुक्त निदेशक पशुपालन डॉ. सुरेश कुमार जैन, सीसीबी महाप्रबंधक मेहजबीन बानो, उप रजिस्ट्रार लोकेश जोशी, नाबार्ड प्रबंधक नीरज यादव सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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