बाल विवाह, किशोर न्याय व पोक्सो कानून पर क्षमतावर्धन कार्यशाला आयोजित


चाइल्ड फण्ड इंडिया उदयपुर की ओर से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला बाल संरक्षण इकाई, राजस्थान राज्य बाल अधिकार आयोग तथा जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में बुधवार को एक दिवसीय क्षमतावर्धन कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में बाल विवाह निषेध अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम और पोक्सो अधिनियम के प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति, चाइल्डलाइन हेल्पलाइन, जिला बाल संरक्षण इकाई, मानव तस्करी निरोधक इकाई, महिला पुलिस थाना, किशोर गृह, बालिका गृह, शिक्षा विभाग के कार्मिकों तथा बाल संरक्षण क्षेत्र में कार्यरत जमीनी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम समन्वयक राजेश शर्मा ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को मजबूत करना तथा जमीनी कार्यकर्ताओं और अधिकारियों को संबंधित कानूनों की स्पष्ट जानकारी देना है, ताकि बाल विवाह की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
कार्यशाला में विशेष न्यायाधीश महेंद्र कुमार दवे, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुलदीप शर्मा, बाल संरक्षण विशेषज्ञ डॉ. शैलेन्द्र पंड्या, बाल अधिकार आयोग के सदस्य ध्रुव कविया, बाल अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक के.के. चंद्रवंशी, महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक संजय जोशी तथा चाइल्ड फण्ड इंडिया के उपनिदेशक रामा राव ने बाल विवाह निषेध अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम और पोक्सो अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों पर जानकारी दी।
विशेषज्ञों ने कहा कि बाल विवाह की तैयारी या प्रयास भी कानूनन अपराध है। बच्चों के सर्वोत्तम हितों की रक्षा के लिए कानून की समझ और समाज में जागरूकता आवश्यक है। कार्यशाला में प्रशासन की भूमिका, कानूनी प्रक्रियाओं और बाल संरक्षण तंत्र को प्रभावी बनाने पर भी चर्चा की गई।
कार्यशाला में विभिन्न विभागों से लगभग 50 प्रतिभागियों ने भाग लिया।









