लफ़्ज़ों की महफ़िल — शब्दों और संवेदनाओं का डिजिटल सफर शुरू होगा जल्द

 लफ़्ज़ों की महफ़िल — शब्दों और संवेदनाओं का डिजिटल सफर शुरू होगा जल्द

28 नवंबर को उदयपुर के अशोका पैलेस में होगा विशेष आयोजन : मुकेश माधवानी

साहित्य प्रेमियों, कवियों, शायरों और लेखकों के लिए एक नया साहित्यिक मंच लफ़्ज़ों की महफ़िल अब डिजिटल स्वरूप में अपनी उड़ान भरने जा रहा है। यह अनूठी पहल शब्दों, विचारों और भावनाओं को एक साझा मंच प्रदान करेगी, जहाँ हर रचनाकार की अभिव्यक्ति को नई पहचान मिलेगी।

लफ़्ज़ों की महफ़िल के संस्थापक मुकेश माधवानी ने बताया कि इस डिजिटल पत्रिका के शुभारंभ पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन शुक्रवार, 28 नवम्बर को दोपहर 3 बजे से 5 बजे तक अशोका पैलेस, उदयपुर में किया जाएगा।

यह आयोजन रचनात्मकता के उत्सव के रूप में मनाया जाएगा, जहाँ कवि, शायर, लेखक और साहित्य प्रेमियों की उपस्थिति कार्यक्रम को जीवंतता प्रदान करेगी। यह केवल एक डिजिटल पत्रिका नहीं, बल्कि संवेदनशील शब्दों की वह यात्रा है जो हर रचनाकार को अपनी अभिव्यक्ति का स्थान देगी।

कार्यक्रम के संस्थापक मुकेश माधवानी, संपादक अकबर शाद, कार्यक्रम संयोजिका अमृता बोकड़िया और सह-संयोजिका प्रेमलता कुमावत ने बताया कि इस मंच का उद्देश्य साहित्यिक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना और उनके सृजन को डिजिटल रूप में अधिक से अधिक पाठकों तक पहुँचाना है।

टीम लफ़्ज़ों की महफ़िल ने उदयपुर सहित देशभर के साहित्य प्रेमियों से इस शुभारंभ समारोह में सहभागी बनने और अपने शब्दों से इस महफ़िल को और भी उज्जवल बनाने का आमंत्रण दिया है।

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