उदयपुर में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पर्यटन मंत्रियों का सम्मेलन संपन्न

 उदयपुर में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पर्यटन मंत्रियों का सम्मेलन संपन्न

उदयपुर, 15 अक्टूबर। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पर्यटन मंत्रियों के सम्मेलन के समापन के अवसर पर केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि दो दिन के सम्मेलन में प्राप्त बहुमूल्य सुझाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन के विजन को साकार करने में मील का पत्थर साबित होंगे। उन्होंने राज्य की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी और राज्य सरकार को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। इसके साथ ही शेखावत ने कहा कि श्रीनगर और नई दिल्ली में पर्यटन सचिवों की कॉन्फ्रेंस के बाद उदयपुर सम्मेलन में प्राप्त सुझावों और रोडमैप को आगामी केंद्रीय बजट में शामिल करवाने का प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आग्रह किया कि वे अपने क्षेत्रों में कम से कम एक ऐसा पर्यटन स्थल विकसित करें जो वैश्विक मानदंडों के अनुरूप हो। इस काम में अनुभवी कंसल्टेंट और निजी भागीदारों की भी मदद ली जा सकती है। उन्होंने कहा कि पर्यटन से संबंधित सभी विभागों के बीच समन्वय हो और यदि आवश्यक हो तो राज्यों में पर्यटन नीति में बदलाव किया जाए। साथ ही शेखावत ने भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की ओर से धनतेरस, दिवाली और भाईदूज पर्व की शुभकामनाएं देते हुए सभी के जीवन में खुशियों और समृद्धि की कामना की।

सम्मेलन में त्रिपुरा, सिक्किम, लक्षद्वीप, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना और मिजोरम के प्रतिनिधिमंडलों ने वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन की थीम पर प्रेजेंटेशन दिया। दो दिन में देशभर के 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में ग्लोबल डेस्टिनेशन की संभावनाओं को साझा किया।

सिक्किम में कंचनजंगा एक्सपीरियंस सेंटर
सिक्किम के पर्यटन मंत्री छिरिंग थेंडुप भूटिया ने कहा कि भले ही सिक्किम देश का सबसे छोटा राज्य है, लेकिन पर्यटन की दृष्टि से इसकी भूमिका सबसे बड़ी है। राज्य को ‘ईको-फ्रेंडली’ और ‘पॉलीथिन-फ्री’ टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में पेश किया गया। सिक्किम की अनूठी भौगोलिक बनावट, मॉनेस्ट्रीज़ और ईको-टूरिज्म इसकी पहचान हैं। पर्यटन सचिव ने बताया कि गंगटोक से लगभग 9 किमी दूर बुलबुले में “कंचनजंगा एक्सपीरियंस सेंटर” विकसित किया जा रहा है, जहां से लगभग 5 किमी लंबा ट्रेल कंचनजंगा नेचर एक्सपीरियंस की ओर जाता है। यह क्षेत्र वैश्विक स्तर पर अपार संभावनाओं वाला पर्यटन स्थल माना गया है। कंचनजंगा यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट है और सिक्किम के लिए इसे “गार्जियन डिटी” (संरक्षक देवता) के रूप में भी देखा जाता है। इसके अलावा गंगटोक, मॉनेस्ट्रीज़, कंजर्वेट्री सेंटर और जूलॉजिकल पार्क जैसे पर्यटन स्थल भी शामिल किए गए हैं।

झारखंड में स्टेच्यू ऑफ स्ट्रेंथ से होगा पर्यटन मजबूत
झारखंड के पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने रांची से लगभग 22 किमी और टाटानगर से 90 किमी की दूरी पर हाइवे से 300 मीटर की दूरी पर स्टेच्यू ऑफ स्ट्रेंथ विकसित करने की योजना बताई। उन्होंने कहा कि झारखंड की संस्कृति, खान-पान और जीवनशैली से जुड़े पहलू जिन्हें नेशनल लेवल पर पहचान नहीं मिली, उन्हें इस परियोजना के माध्यम से उजागर किया जाएगा। ट्राइबल टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्राचीन मंदिर, ट्राइबल म्यूजियम और प्राकृतिक छटा पर्यटकों को आकर्षित करेंगे।

त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में जिरानिया एम्यूजमेंट पार्क, लक्ष्मीलूंगा स्नो विलेज, जेम्पूई हिल स्टे, रूद्रसागर झील पर फ्लोटिंग विला, मोहनपुर एडवेंचर पार्क, लुधूआ टी एक्सपीरियंस सेंटर और दुम्बुर लेक फ्रंट विकसित करने की योजना बताई गई।

ओडिशा में आध्यात्मिकता के साथ पर्यटन का आनंद
ओडिशा के पर्यटन सचिव बलवंत सिंह ने पुरी-कोणार्क-चिलिका, हीराकुड और भुवनेश्वर को जोड़कर टूरिज्म सर्किट विकसित करने का रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने रेल, सड़क और हवाई मार्ग से कनेक्टिविटी पर भी ध्यान दिया। पुरी में श्री जगन्नाथ मंदिर, कोणार्क में सूर्य मंदिर, पुरी के समुद्र तट और चिलिका की रामसर साइट पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। हीराकुड में दुनिया का सबसे लंबा मिट्टी का डैम है, और यहाँ देबीगढ़ वन्यजीव अभ्यारण्य भी है। भुवनेश्वर में भी कई आकर्षण केंद्र मौजूद हैं।

तेलंगाना ने अनंतगिरि, नागार्जुन सागर और बसवापुर रिजर्वायर जैसे स्थलों को पर्यटन के लिए प्रस्तुत किया। मिजोरम और लक्षद्वीप ने अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत को बड़े पर्यटन अवसर के रूप में प्रस्तुत किया।

जोधपुर-जैसलमेर हाईवे हादसे पर संवेदना व्यक्त
जोधपुर-जैसलमेर हाईवे पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे पर केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने गहरी संवेदना व्यक्त की। उदयपुर में पर्यटन मंत्रियों की कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति सरकार पूरी सहानुभूति रखती है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार की राहत राशि देने की घोषणा की है। शेखावत ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई है। केंद्रीय मंत्री ने सभी से अपील की कि वे घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करें।

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