200 ग्राम के प्रोस्टेट का सफल ऑपरेशन – लेजर तकनीक ने दी नई ज़िंदगी!


चिकित्सा के क्षेत्र में नित नए चमत्कार हो रहे हैं और आज ऐसी ही एक बड़ी सफलता की कहानी हम आपके सामने लेकर आए हैं।
अक्सर बढ़ती उम्र के साथ पुरुषों में प्रोस्टेट की समस्या आम हो जाती है, लेकिन जब यह प्रोस्टेट अपने सामान्य आकार से कई गुना बढ़ जाए, तो यह जानलेवा भी हो सकता है। कुछ ऐसा ही हुआ 70 वर्षीय एक बुजुर्ग के साथ, जिनका प्रोस्टेट बढ़कर 200 ग्राम (200 CC) से भी ज्यादा हो गया था। आपको बता दें कि सामान्य तौर पर प्रोस्टेट का वजन मात्र 20 ग्राम के आसपास होता है।”
चुनौतीपूर्ण केस और पुरानी विफलता
मरीज ने पहले अहमदाबाद में दूरबीन विधि (Endoscopy) से ऑपरेशन कराने की कोशिश की, लेकिन सर्जरी के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव (Bleeding) होने के कारण डॉक्टरों को बीच में ही हाथ पीछे खींचने पड़े। डॉक्टरों ने यहाँ तक कह दिया था कि इतने बड़े प्रोस्टेट का दूरबीन से ऑपरेशन मुमकिन नहीं है।
PMCH में नई उम्मीद: ‘थुलैप’ (ThuLEP) तकनीक
निराशा के बीच मरीज PMCH हेल्थ एडवाइजर्स पहुंचे, जहाँ डॉ. हनुवंत सिंह राठौड़ (Urologist & Reconstructive Surgeon) ने अत्याधुनिक थुलियम लेजर (Thulium Laser Enucleation of Prostate – ThuLEP) तकनीक का सुझाव दिया।
डॉ. हनुवंत सिंह ने अपनी विशेषज्ञता से बिना किसी चीर-फाड़ और बिना किसी कॉम्प्लिकेशन के 200 ग्राम के इस विशाल प्रोस्टेट को सफलतापूर्वक शरीर से बाहर निकाल दिया। हैरानी की बात यह है कि ऑपरेशन के अगले ही दिन मरीज को अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई।
एनेस्थीसिया टीम की बड़ी भूमिका
इस जटिल सर्जरी की सफलता में सिर्फ सर्जन ही नहीं, बल्कि एनेस्थीसिया विभाग का भी बड़ा योगदान रहा। प्रोफेसर प्रकाश ओडिच्य ने बताया कि इतने बड़े प्रोस्टेट का ऑपरेशन एनेस्थीसिया के दृष्टिकोण से एक बड़ी चुनौती होती है, जिसे डॉ. हनुवंत और उनकी टीम ने टीम वर्क के साथ मुमकिन कर दिखाया।









