उदयपुर के ताज अरावली प्रोजेक्ट में करोड़ों की धोखाधड़ी के आरोप, दिल्ली EOW ने दर्ज की FIR

 उदयपुर के ताज अरावली प्रोजेक्ट में करोड़ों की धोखाधड़ी के आरोप, दिल्ली EOW ने दर्ज की FIR

उदयपुर। उदयपुर के कोडियात क्षेत्र स्थित चर्चित ‘ताज अरावली’ होटल प्रोजेक्ट को लेकर करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश का मामला सामने आया है। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने ईशान क्लब्स एंड होटल्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों के खिलाफ FIR दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

शिकायत के अनुसार निवेशकों को ताज अरावली/ईशान ग्रुप के 5-स्टार होटल प्रोजेक्ट में कॉटेज और स्टूडियो यूनिट दिलाने के नाम पर निवेश कराया गया। आरोप है कि निवेशकों को 9 से 12 प्रतिशत सालाना न्यूनतम सुनिश्चित रिटर्न और कुल लाभ में 25 प्रतिशत तक हिस्सेदारी का भरोसा दिया गया था।

रजिस्ट्री के नाम पर रकम लेने का आरोप

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि यूनिट की बिक्री राशि के अलावा रजिस्ट्री और स्टांप ड्यूटी के नाम पर भी लाखों रुपये लिए गए, लेकिन इसके बावजूद संबंधित सेल डीड/टाइटल डीड का निष्पादन नहीं किया गया।

जमीन और पर्यावरण नियमों को लेकर भी गंभीर आरोप

मामले में सिर्फ निवेश संबंधी धोखाधड़ी ही नहीं, बल्कि जमीन और पर्यावरण नियमों के उल्लंघन के भी आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में दावा किया गया है कि प्रोजेक्ट से जुड़ी गतिविधियों में ST किसानों की कृषि भूमि, सिंचाई विभाग और वन विभाग की जमीन पर अतिक्रमण किया गया। साथ ही अरावली क्षेत्र में पहाड़ियों को काटकर निर्माण करने और वन संरक्षण कानूनों के उल्लंघन के आरोप भी लगाए गए हैं।

शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रोजेक्ट RERA के तहत पंजीकृत किए बिना संचालित किया जा रहा था।

विदेशी संस्था को संपत्ति बेचने के प्रयास का आरोप

निवेशकों का आरोप है कि उन्हें बिना पूर्व सूचना दिए प्रॉपर्टी को एक विदेशी संस्था ‘ब्लैकस्टोन’ को बेचने का प्रयास किया गया। जब निवेशकों ने अपने दस्तावेज और कानूनी अधिकारों की जानकारी मांगी तो कथित तौर पर उन्हें राजनीतिक प्रभाव का हवाला देते हुए धमकाया गया।

FIR में ईशान क्लब्स एंड होटल्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक राजीव आनंद, साहिल आनंद और चारू आनंद सहित कंपनी को आरोपी बनाया गया है। आरोपों में धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी, धमकी और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराएं शामिल हैं।

वित्तीय लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की भी जांच

दिल्ली EOW ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में कथित वित्तीय अनियमितताओं के साथ-साथ मनी लॉन्ड्रिंग, बेनामी संपत्तियों और सरकारी विभागों की कथित मिलीभगत जैसे पहलुओं को भी देखा जा रहा है।

हालांकि, ये सभी आरोप शिकायतकर्ताओं की ओर से लगाए गए हैं और FIR दर्ज होना आरोपों की पुष्टि नहीं है। मामले में जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।

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