सटीक जाँच, समय पर उपचार और मरीज के अनुरूप निर्णय पर जोर; 9वां कार्डियक समिट संपन्न


हृदय रोगों की रोकथाम और उपचार में हो रहे बदलावों पर दो दिनों के वैज्ञानिक मंथन के साथ 9वां कार्डियक समिट उदयपुर 2026 रविवार को द अनंता, उदयपुर में संपन्न हुआ। हार्ट एंड रिदम सोसायटी, उदयपुर द्वारा आयोजित सम्मेलन के दूसरे दिन विशेषज्ञों ने हार्ट फेल्योर, हार्ट अटैक, मधुमेह और मोटापे से जुड़े हृदय जोखिम तथा जटिल एंजियोप्लास्टी जैसे विषयों पर चर्चा की। सम्मेलन की थीम “Reimagining Cardiac Care – Precision, Prevention, Personalisation रही।
दूसरे दिन के सत्रों में हार्ट अटैक और हार्ट फेल्योर में विभिन्न जैविक संकेतकों की मदद से मरीज के जोखिम का आकलन और उपचार संबंधी निर्णय लेने एवं हार्ट फेल्योर के मरीजों में रक्त में पोटैशियम बढ़ने की चुनौती और उसके प्रबंधन पर चर्चा की गई ।
डॉ. डी.एस. गंभीर ने हार्ट अटैक के उपचार में समय पर निर्णय लेने और उपचार से जुड़ी कमियों को दूर करने के विषय पर विचार रखे। डॉ. संजीव गुप्ता ने कोरोनरी धमनियों के जटिल उपचार में सटीक इमेजिंग, कैल्शियम युक्त रुकावटों के मूल्यांकन और उपलब्ध उपचार विकल्पों पर चर्चा की।
सम्मेलन के अंतिम वैज्ञानिक सत्र में मधुमेह के मरीजों की कोरोनरी धमनियों में रुकावट होने पर एंजियोप्लास्टी या बायपास सर्जरी के चयन को लेकर परिचर्चा हुई। कॉन्फ्रेंस चेयरपर्सन डॉ. अमित खंडेलवाल के संचालन में हुई इस चर्चा में डॉ. एस.के. कौशिक, डॉ. विनय नाथानी शामिल थे ।चर्चा में मरीज की स्थिति के अनुसार उपचार विकल्पों के चयन पर विचार साझा किए गए।
दो दिनों के सत्रों से यह संदेश सामने आया कि हृदय चिकित्सा में नई तकनीक के साथ सही जोखिम पहचान, समय पर उपचार और प्रत्येक मरीज की स्थिति के अनुरूप निर्णय भी उतने ही आवश्यक हैं। सम्मेलन के समापन पर डॉ. अमित खंडेलवाल ने भाग लेने वाले विशेषज्ञों, चिकित्सकों और आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।









