वन एवं वन्यजीव विभाग, उदयपुर द्वारा सीतामाता वन्यजीव अभयारण्य के लिए विशेष एक दिवसीय टूर का आयोजन


वन एवं वन्यजीव विभाग, उदयपुर की ओर से प्रकृति और आध्यात्म के अनूठे संगम का अनुभव कराने के लिए ‘सीतामाता वन्यजीव अभयारण्य’ के एक दिवसीय विशेष टूर का आयोजन किया जा रहा है। यह यात्रा उदयपुर वासियों को शहर की भीड़भाड़ से दूर, प्रकृति की गोद और त्रेतायुग के ऐतिहासिक व पौराणिक स्थलों तक ले जाने का एक विशेष प्रयास है।
पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व:
सीतामाता वन्यजीव अभयारण्य केवल अपनी सघन हरियाली के लिए ही नहीं, बल्कि अपने गहरे पौराणिक इतिहास के लिए भी विश्व विख्यात है। मान्यता है कि यह वही पावन भूमि है जहाँ माता सीता ने अपना वनवास व्यतीत किया था। इस एक दिवसीय यात्रा के दौरान पर्यटकों को निम्नलिखित मुख्य स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा।


वाल्मीकि आश्रम: वह पवित्र स्थल जहाँ महर्षि वाल्मीकि ने रामायण की रचना की प्रेरणा पाई और जहाँ माता सीता के पुत्रों, लव और कुश का जन्म व लालन-पालन हुआ।
माँ सीता मंदिर एवं सीता कुंड: माता सीता को समर्पित यह प्राचीन मंदिर और यहाँ स्थित पवित्र जल कुंड श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र हैं।
भागी बावड़ी: अभयारण्य के मध्य स्थित यह प्राचीन जल स्रोत अपने ऐतिहासिक और प्राकृतिक महत्व के लिए जाना जाता है।


टूर पैकेज में शामिल सुविधाएँ:
पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस टूर को पूरी तरह से व्यवस्थित किया गया है। टूर की लागत में निम्नलिखित सभी खर्चे शामिल हैं:
उदयपुर से सीतामाता वन्यजीव अभयारण्य तक आने-जाने के लिए वातानुकूलित (AC) वाहन की सुविधा। अभयारण्य के अंदर भ्रमण के लिए सफारी/वाहन शुल्क। यात्रा के दौरान सुबह का नाश्ता, दोपहर का भोजन और शाम की चाय।
वन विभाग का प्रवेश शुल्क (Forest fee) प्रशिक्षित गाइड और विशेषज्ञ प्रकृतिवादी (Naturalist) का शुल्क, जो अभयारण्य की वनस्पतियों और पौराणिक महत्व की विस्तृत जानकारी देंगे।
बुकिंग विवरण:
यह टूर विशेष रूप से उदयपुर के निवासियों के लिए आयोजित किया जा रहा है। जो भी प्रकृति प्रेमी और श्रद्धालु इस यात्रा का हिस्सा बनना चाहते हैं, वे अपनी सीट बुक करने या अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए नंबर पर संपर्क कर सकते हैं:
📞 कॉल या व्हाट्सएप करें: 7976980353
निवेदक:
वन एवं वन्यजीव विभाग, उदयपुर









