कियाना परिहार बनी राजस्थान की पहली महिला कैंडिडेट मास्टर

 कियाना परिहार बनी राजस्थान की पहली महिला कैंडिडेट मास्टर

उदयपुर की कियाना पारिहार ने भारतीय शतरंज के इतिहास में एक नया अध्याय लिखते हुए राजस्थान की पहली महिला कैंडिडेट मास्टर (WCM) बनकर एक अद्वितीय उपलब्धि हासिल की है। यह उल्लेखनीय उपलब्धि उनकी समर्पण, मानसिक दृढ़ता और असाधारण शतरंज कौशल का प्रमाण है।

प्रारंभिक शुरुआत और उपलब्धियाँ

कियाना ने चार साल की उम्र में शतरंज खेलना शुरू किया और तब से अपने पिता जितेंद्र पारिहार के साथ प्रशिक्षण ले रही हैं। उन्होंने कई पुरस्कार जीते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • राष्ट्रीय अंडर-9 गर्ल्स चेस चैंपियनशिप 2024: 10/11 स्कोर के साथ विजेता
  • एशियन यूथ चेस चैंपियनशिप 2023: अंडर-8 गर्ल्स कैटेगरी में स्वर्ण पदक और रैपिड फॉर्मेट में रजत पदक
  • वर्ल्ड कैडेट चेस चैंपियनशिप 2025: अंडर-10 गर्ल्स कैटेगरी में कांस्य पदक के साथ 8.5/11 अंक और 1897 की प्रदर्शन रेटिंग

प्रसिद्धि की ओर बढ़ते कदम

कियाना की WCM बनने की यात्रा कई उल्लेखनीय प्रदर्शनों से चिह्नित हुई है। उन्होंने एशियन यूथ चेस चैंपियनशिप 2023 में अपने WCM मानदंड अर्जित किए और वर्ल्ड कैडेट चेस चैंपियनशिप 2025 में अपने प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद 1800 से ऊपर की FIDE रेटिंग हासिल की।

एक उज्ज्वल भविष्य

कियाना की उपलब्धियों ने राजस्थान और भारत को गौरवान्वित किया है, और वह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार हैं। उनके कोच हेमल थांकी ने उनकी क्षमताओं में विश्वास व्यक्त करते हुए कहा, “कियाना ने अपने कौशल विकसित करने के लिए कड़ी मेहनत की है, और उनके प्रयासों का फल मिला है। हमें विश्वास है कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की गरिमा बढ़ाएंगी।” ग्रैंडमास्टर बनने के लक्ष्य के साथ, कियाना देश भर के युवा शतरंज प्रेमियों को प्रेरित करती रहती हैं।

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