हृदय रोग के बेहतर निवारण पर मंथन के साथ 8वें कार्डियक समिट का हुआ समापन

 हृदय रोग के बेहतर निवारण पर मंथन के साथ 8वें कार्डियक समिट का हुआ समापन

राष्ट्रीय स्तर पर चिकित्सा जगत का केंद्र बने उदयपुर में शुरू हुए दो दिवसीय कार्डियक समिट का आज रविवार को मैरियट उदयपुर में समापन हुआ.

हार्ट एंड रिद्म सोसायटी, उदयपुर द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में देशभर से 300 से ज्यादा नामी गिरामी हृदय रोग विशेषज्ञ, वरिष्ठ इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट और एंडोक्रिनोलॉजिस्ट ने शिरकत की.

सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हृदय रोगों की रोकथाम, शुरुआती पहचान और नवीनतम उपचार पद्धतियों पर था जिसमे विशेषज्ञ चिकित्सको ने केस स्टडी, प्रेजेंटेशन आदि के साथ गहन चिन्तन एवं मंथन किया।

सम्मेलन की जानकारी देते हुए हार्ट एंड रिदम सोसाइटी के चेयरमैन एवं समिट के आयोजक, सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अमित खंडेलवाल ने बताया कि हर साल की तरह इस साल भी यह सम्मलेन बेहद ज्ञानवर्धक और सफल रहा.

दूसरे एवं अंतिम दिन विभिन्न कार्यक्रम हुए जिसमे डायबिटीज और हार्ट पर विस्तृत चर्चा हुई कि किस तरह डायबिटीज की वजह से हार्ट कितना एफेक्टड है और हार्ट अटैक में डायबिटीज के क्या चांसेस होते है.

वरिष्ट चिकत्सक डॉ. विजय तेरहान द्वारा एंजियोप्लास्टी पर चर्चा हुई, डॉ सुभाष चंद्रा ने स्टैंड की जगह पर क्या हम स्पेशल बलून से भी एंजियोप्लास्टी कर सकते है पर अपने विचार रखे, एवं डॉ. अजित देसाई ने कोलेस्ट्रोल पर नवीनतम दवाइयों पर महत्वपूर्ण डिस्कशन किया.

डॉ. अमित खंडेलवाल ने “राइजिंग ट्रेंड ऑफ़ हार्ट अटैक्स इन डॉक्टर्स एंड हेल्थ केयर प्रोफेशनल” पर अपने विचार रखे, डॉ खंडेलवाल ने बताया कि यदि दूसरे विकसित देशो में हार्ट अटैक यदि 70 साल में होता है तो हमारे देश में वह 60 से में हो रहा है. और हमारे ही देश में यदि आम जनता को यह 60 साल में होता है तो डॉक्टर्स को हार्ट अटैक 50 साल की आयु में हो रहा है जो गहन चिंता का विषय है.

डॉ. खंडेलवाल ने बताया कि सम्मलेन में सिर्फ हृदय रोग ही नहीं बल्कि मोटापा, किडनी रोग, खून पतला करने वाली दवाइयों पर एवं सम्पूर्ण शारीरक स्वास्थ पर चर्चा हुई. डॉ खंडेलवाल ने बताया कि इस सम्मलेन से हम सभी चिकित्सक आपस में अपने ज्ञान और विचारों का आदान प्रदान करते है जिससे हमारे चिकत्सा पद्द्त्ति मरीजों के लिए बेहतर सेवा का स्त्रोत बनती है.

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